संविधान में आरक्षण का प्रावधान 1950 में किया गया था और उसी के साथ यह देशभर के शिक्षण संस्थानों में लागू हो गया है। उसका इंप्लीमेंट संस्थान किस हिसाब से करेंगे, उसके लिए रोस्टर तैयार होता है। यह भी सब जगह हो गया था, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया था। अब देश की आजादी के 68 साल बाद आरक्षण में रोस्टर का लाभ पीयू के 2000 कर्मचारियों को मिलने जा रहा है। इसके लिए रोस्टर पूरी तैयार हो गया है।
इसे सीनेट की बैठक में रखा जाएगा, उसी में अंतिम मुहर लगेगी। पीयू में एससी, एसटी व ओबीसी के नॉन टीचिंग कर्मचारियों की संख्या दो हजार से अधिक है। इन कर्मचारियों के हितों के लिए काम कर रही एससी एसटी, ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन वर्षों से आरक्षण में रोस्टर लागू करने की मांग कर रही थी, लेकिन पीयू ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। दर्जनों कर्मचारियों को इसका लाभ ही नहीं मिल पाया और वह सेवानिवृत्त हो गए। कई बार प्रदर्शन हुए। अब जाकर इस पर पीयू ने काम किया है।
वीसी व रजिस्ट्रार ने किया बेहतर प्रदर्शन
आरक्षण में रोस्टर कई बार पहले भी बना, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। सूत्रों का कहना है कि अड़चनें लगाने वाले पहले अधिक थे, लेकिन जब से वीसी व रजिस्ट्रार बदले तो इस पर काम होना शुरू हुआ। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण को लेकर वीसी प्रो. राजकुमार व रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत ने संयुक्त रूप से बैठक कर कमेटी बनाई। उसी कमेटी ने यह रोस्टर तैयार किया है। मालूम हो कि वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. अजय रंगा व प्रो. अनिल ने भी इस रोस्टर पर काफी काम किया।
इस तरह मिलेगा लाभ
कमेटी ने रोस्टर में एससी को 15 फीसदी, एसटी को पांच व ओबीसी को 2.5 फीसदी आरक्षण दिया है। इस तरह हर सातवीं सीट एससी के खाते में जाएगी और 20वीं सीट एसटी के खाते में। इसी तरह प्रमोशन में 30 से 40 के मध्य की एक सीट ओबीसी के लिए रिजर्व की गई है।
आरक्षण में रोस्टर लगभग तैयार हो गया है। सीनेट की बैठक में उसे रखा जाएगा। उसके बाद उसे लागू कर दिया जाएगा।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार
आरक्षण में रोस्टर लागू करने की मांग वर्षों बाद पूरी हो रही है। यह हजारों कर्मचारियों को लोहड़ी का तोहफा होगा।
- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी, एसटी, ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन