पंजाब यूनिवर्सिटी अब विदेशी मुद्रा लाने के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है। कई विभागों के सेंटर विदेशों में खोलकर वहां के विद्यार्थियों को शिक्षा देगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू वीसी प्रो. राजकुमार 11 मई से कई देशों की यात्रा पर निकलेंगे। वह 18 मई को वापस पीयू पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान वह सेंटर के स्थान की जगह का चयन करेंगे। इसके साथ वहां के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करेंगे। प्रथम चरण में यूबीएस का केंद्र इटली व स्विट्जरलैंड में खुलेगा। बताया जाता है कि यह केंद्र किसी विश्वविद्यालय के खोलने की तैयारी की जा रही है।
एमबीए की मिलेगी कंबाइंड डिग्री
यूबीएस सेंटर की विदेशों में स्थापना करके एमबीए कराया जाएगा। प्रथम चरण में 35 से 50 सीटें रखी जाएंगी। जैसे ही सेंटर किसी विश्वविद्यालय में वहां स्थापित होगा तो उसके बाद एमबीए की कंबाइंड डिग्री विद्यार्थियों को दी जाएगी। योजना है कि यहां के विद्यार्थियों को वहां भी भेजा जा सकता है और वहां के विद्यार्थी यहां आ सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुताबिक एमबीए का सिलेबस तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर बैठकों का दौर पीयू में चल रहा है।
रिसर्च को दिया जाएगा बढ़ावा
वीसी प्रो. राजकुमार कई विभागों के केंद्र विदेशों में खोलने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए वह इटली, स्विट्जरलैंड, बर्लिन, बर्मिंघम आदि देशों की यात्रा को निकले हैं। बताया जाता है कि कई विश्वविद्यालयों के साथ वह समझौता करेंगे। रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भी जोर दिया जाएगा। मालूम हो कि पीयू के प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले के लिए मारामारी रहती थी। हजारों की संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं। लगातार यहां विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्लेसमेंट भी बेहतर होता है। सूत्रों का कहना है कि वीसी विदेशों में कुछ सेंटर खोलने में सफल हुए तो पीयू का आर्थिक संकट भी दूर हो जाएगा।