पंजाब यूनिवर्सिटी के 16 दिसंबर को होने जा रहे सिंडिकेट चुनाव को लेकर सीटों का बंटवारा लगभग तय हो गया है। 15 में से महज पांच सीटों का बंटवारा होना बाकी है। बाकी 10 सीटें लगभग तय हैं। इन सीटों में लॉ व साइंस फैकल्टी से पांच सीटें होंगी। लैंग्वेज डिवीजन से दो सीटें और इसी तरह तीन सीटें डीएवी के खाते से आएंगी। बाकी बची पांच सीटों में से दो सीटें मेडिकल साइंस व तीन सीटें कंबाइंड फैकल्टी से आएंगी।
सूत्रों के मुताबिक, अगर कुल 15 सीटों का गणित देखें तो प्रो. नवदीप गोयल के पास पांच, प्रोफेसर अशोक गोयल व डीएवी कॉलेज के पास चार-चार सीटें आती दिख रही हैं। वहीं दो सीटें भाजपा के खाते में जा रही हैं। इस बार भी सिंडिकेट के इस चुनाव में भाजपा अल्पमत में रहेगी। हालांकि पिछले साल भाजपा के सदस्य प्रो. नवदीप गोयल के खेमे में शामिल हुए थे। सिंडिकेट के 15 सदस्यों का चुनाव होना है। इस बार सभी पक्ष आपसी सहमति से इसे निपटाना चाहते हैं ताकि चुनाव की नौबत न आए।
यह है सीटों का गणित
लॉ व साइंस फैकल्टी से पांच सीटें होंगी। इस फैकल्टी पर प्रो. नवदीप गोयल का कब्जा है। वहीं लैंग्वेज डिवीजन पर प्रो. अशोक गोयल काबिज रहते हैं। यहां से दो सीटें निकलती हैं। इसके अलावा तीन सीटें डीएवी के खाते में जाती हैं। इस तरह इन सीटों की संख्या दस हो जाती है। बची 15 में से पांच सीटें, इनके लिए समझौता होना बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इन पांच सीटों में से दो सीटें प्रो. अशोक गोयल व दो सीटें भाजपा के पक्ष में जा सकती हैं। एक सीट डीएवी के हिस्से में होगी। हालांकि इसमें एक सीट प्रो. नवदीप गोयल के हिस्से में भी आ सकती है। क्योंकि इन पांच सीटों में बराबर बंटवारा होना है और वह तभी संभव है जब प्रो. नवदीप गोयल के पक्ष में भी कुछ सीटें जाएं। ऐसे में प्रो. अशोक गोयल या डीएवी के खाते में जाने वाली एक सीट कट सकती है।
गुटबाजी हुई तो गठबंधन तय
सूत्र कहते हैं कि यदि गुटबाजी हावी हुई तो फिर इन सदस्यों का गठबंधन होगा। ऐसी स्थिति में भाजपा प्रो. नवदीप गोयल के पक्ष में जाती है तो उनका पलड़ा पिछले साल की तरह भारी होगा। हालांकि इस बार स्थिति ऐसी नजर आती नहीं दिख रही है। कयास तो यह भी लगाए जा रहे हैं कि निर्विरोध चुनाव के बाद भाजपा के सदस्य प्रो. अशोक गोयल के खेमे में शामिल हो सकते हैं ताकि सिंडिकेट में फैसले एकतरफा न हो सकें। हालांकि स्थिति चुनाव के दिन ही स्पष्ट होगी, लेकिन इस बार यह समझौता भी रोमांच भरा होगा।
सुबह नौ बजे से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
सिंडिकेट के चुनाव के लिए प्रक्रिया 16 दिसंबर को सुबह नौ बजे से शुरू होगी। सबसे पहले आर्ट फैकल्टी से मेंबर का चुनाव होगा और सबसे बाद में डेयरी एंड एनीमल फैकल्टी का। कुल सात फैकल्टी से यह सदस्य चुनकर आने हैं। इन चुनावों की पीयू प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है, जिन्हें वीरवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही इस दिन सभी पक्षों की आपसी बैठक भी हो सकती है। पीयू प्रशासन भी सभी पक्षों से राय ले सकता है।