पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त 136 कोएड कॉलेजों के पांच हजार शिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। तीन माह से इन्हें वेतन नहीं मिला है। पंजाब सरकार अपने हिस्से का 95 फीसदी पैसा जारी नहीं कर रही है। तीन माह की ग्रांट सरकार एक साथ जारी करती है। ऐसे में आगे चुनाव आएंगे तो आचार संहिता लागू होगी और ग्रांट रुक जाएगी।
शिक्षकों ने कहा है कि ग्रांट जारी नहीं हुई तो उसके लिए शिक्षक संघर्ष करेंगे। पंजाब एंड चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन ने इस मामले को लेकर बुधवार को प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता की। जनरल सेक्रेटरी प्रो. सुखदेव सिंह रंधावा ने बताया कि हर तीन महीने के बाद ग्रांट जारी होती है ताकि शिक्षकों को वेतन मिलता रहे। बीते दो सालों से समय से ग्रांट नहीं मिल रही है। इससे वेतन मिलने में देरी हो रही है।
अगस्त का वेतन दिसंबर में जाकर मिला है। सितंबर से लेकर नवंबर तक का वेतन फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही में सितंबर तक का वेतन जारी किया जाना है। इसमें देरी हुई तो आगे भी शिक्षकों का वेतन फंस जाएगा। उन्होंने सरकार से कहा है कि वह जल्द से जल्द वेतन की ग्रांट जारी करे ताकि शिक्षकों को दिक्कतों को सामना न करना पड़े। इस मौके पर पूर्व जनरल सेक्रेटरी डॉ. जगवंत सिंह, सुरिंदर कौर आदि रहीं।