चंडीगढ़ सेक्टर 10 स्थित डीएवी कॉलेज के बीए के विद्यार्थी कमलजीत को चौथा सेमेस्टर पास करने के बाद दूसरे सेमेस्टर में दोबारा दाखिला लेने का फरमान सुनाया गया है। पीयू के एक साल बाद परिणामों को दिए इस फैसले से कमलजीत और उसके परिवार के साथ कॉलेज भी हैरान है।
कमलजीत ने बताया कि उन्होंने पिछले दो महीने से पीयू को कई पत्र लिखने के साथ वहां जाकर भी अधिकारियों से मिलने की कोशिश की है। बीए के छात्र कमलजीत ने बताया कि उन्होंने 2018 में डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में बीए में दाखिला लिया था। पहले सेमेस्टर में वे अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए, लेकिन दूसरे सेमेस्टर के दौरान उनके पिता की तबीयत खराब होने के कारण वो कॉलेज नहीं आ पाए।
जब वे कुछ दिनों के बाद कॉलेज आए तब उन्हें पता चला कि दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा शुल्क की तारीख निकल चुकी है। परीक्षा में बैठने के लिए कॉलेज की तरफ से उन्हें 25 हजार का फाइन लगाया गया। लेकिन कमलजीत ने यह फाइन नहीं भरा। इस कारण वो परीक्षा में नहीं बैठ पाए।
कमलजीत ने बताया उस समय के नियमों के मुताबिक अगर विद्यार्थी पहले वर्ष में 50 प्रतिशत विषयों में पास है तो वह अगले वर्ष रि-अपीयर के पेपर दे सकता है। उस दौरान कॉलेज शिक्षकों से राय लेने पर भी कमलजीत को अगले वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा देने की सलाह दी गई। इसके बाद कमलजीत ने तीसरे और चौथे सेमेस्टर की भी परीक्षा दे दी और दोनों ही उत्तीर्ण कर लिए। कोविड समय में ही कमलजीत ने दूसरे सेमेस्टर के रि-अपीयर का फॉर्म भरा।