पंजाब विश्वविद्यालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (निटर) मिलकर काम करेंगे। भौतिक साइंस में एमएससी मिलकर करवाएंगे। उसकी विशेषज्ञता नैनोपोटॉनिक्स होगी। इसकी बाजार में काफी डिमांड है। इसी वजह से पीयू ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। पीयू के फिजिक्स विभाग की दुनियाभर में एक अलग छाप है।
एमएससी की डिग्री यहां से हासिल होने के बाद विद्यार्थियों को कहीं न कहीं बेहतर जॉब मिल जाती है। साथ ही यहां का प्लेसमेंट भी बेहतर है। कुछ नए कोर्सेज का पीयू को संचालन करना था ताकि विद्यार्थी आकर्षित हो सकें। इसे ध्यान में रखकर पीयू आए दिन किसी न किसी विश्वविद्यालय से करार कर रहा है। नैनोपोटॉनिक्स में एमएससी दोनों संस्थान मिलकर करवाएंगे।
दोनों संस्थानों के मिलने से संसाधनों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही छात्रों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ भी करार करने जा रहा है ताकि मिलकर नए ऑनलाइन कोर्सेज शुरू किए जा सकें। दोनों संस्थान विद्यार्थियों को ऑनलाइन डिग्री प्रदान करेंगे।
पिछले साल भी एक दर्जन से अधिक एमओयू हुए थे, लेकिन इस साल हालात कोरोना के कारण अलग हैं। ऐसे में ऑनलाइन कोर्सेज को पीयू बढ़ावा देगा। विदेशी विश्वविद्यालयों में भी ऑनलाइन कोर्सेज को ही बढ़ावा दिया जा रहा है।