बोर्ड एग्जाम में नकल रोकने के लिए पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड ने सख्त रणनीति बनाई है। स्टूडेंट्स जरूर पढ़ लें सरकारी फरमान, फायदे में रहेंगे। राज्य में मंगलवार से शुरू होने वाली 12वीं कक्षाओं की परीक्षाओं नकल मुक्त बनाने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड इस बार निर्वाचन आयोग की तर्ज पर काम कर रहा है। बोर्ड ने जहां पूरे राज्य को अस्सी सब डिवीजन में बांटा हैं।
इसके लिए 160 फ्लाइंग टीमें गठित की हैं। इसके अलावा रिजर्व फ्लाइंग टीमें भी गठित की हैं। ताकि आपात स्थिति में उनका प्रयोग किया जा सके । वहीं, पहली बार बोर्ड के अधिकारी, मेंबरों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले बांटे गए हैं। जहां पर जाकर वह परीक्षा केंद्रों की जांच करेंगे। यह पुष्टि बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने सोमवार को अमर उजाला से इस बात की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि परीक्षा में 3.50 लाख विद्यार्थी अपीयर होंगे। प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों में पहुंचा दिए गए हैं। साथ ही सबको रोल नंबर जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुलाजिमों की डयूटियां भी उसी तरह से लगाई गई हैं।
जहां जरूरत महसूस होगी लगाए जाएंगे कैमरे
बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि बोर्ड की तरफ से राज्य के 22 जिलों में संवदेशन शील व अति संवदेनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर ली गई है। जहां पर कुछ जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा किसी भी परीक्षा केंद्र में आब्र्जवर, डीईओ, कं ट्रोलर यह महसूस करता है कि यहां पर कैमरे लगाए जाने चाहिए। तो वहां पर मौके पर कैमरे या वीडियोग्राफी करवाई जा सकती है। इसके लिए बोर्ड द्वारा खर्च दे दिया जाएगा।
एसएमओ से नीचे का नहीं चलेगा मेडिकल
अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
किसी टीचर या अधिकारी की परीक्षा में डयूटी लगी हुई हैं। लेकिन वह डयूटी से बचने के लिए मेडिकल देकर बचना चाहता है तो इस बार ऐसा नहीं होगा। कोई भी जिला शिक्षा अधिकारी किसी को भी छुट्टी नहीं दे सकता है। इसके अलावा अगर मेडिकल लीव भी लेनी है, तो इसके लिए एसएमओ स्तर के अधिकारी से मेडिकल बनवाना होगा। जिसके बाद ही आगे की प्रक्रिया हो पाएगी।
आब्जर्वर पेपर शुरू होने से अंत तक बैठेंगे
बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि जिन परीक्षा संवेदनशील केंद्रों में आब्जर्वर जाएंगे। वहां पर पेपर शुरू होने से अंत तक रहेंगे। वहीं, उत्तर पुस्तिकाएं सील करवाकर ही वह वापस आएंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि परीक्षा हाल में बच्चों को कोई परेशानी न आए। इसके लिए भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। परीक्षा हाल के अंदर मुलाजिमों को बातचीत या चायपान कर बच्चों का ध्यान भटकाने का मौका नहीं दिया जाएगा।
स्टूडेंट्स के नहीं खुलवाए जाएंगे जूते
परीक्षा हाल में जाते समय इस बार स्टूडेंट्स के जूते नहीं खुलवाए जाएंगे। स्टूडेंट्स जूते पहनकर ही परीक्षा में अपीयर होंगे। इसके अलावा परीक्षा हाल के अंदर कोई भी मोबाइल या अन्य सामान का प्रयोग नहीं कर पाएगा। वहीं, परीक्षा के दौरान कोई व्यक्ति किसी दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा जाता है तो दोनों पर पुलिस केस दर्ज करवाया जाएगा।
ऐसे रहेगा परीक्षा का शेडयूल
बोर्ड द्वारा ली जाने वाली परीक्षा दोपहर दो बजे से सवा पांच बजे तक चलेगी। सारे विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र पढने के लिए पंद्रह मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे। जबकि दिव्यांग छात्रों को हर घंटे के बाद बीस मिनट अतिरिक्त मिलेंगे। परीक्षा दोपहर दो बजे से सवा पांच बजे तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस का पहरा रहेगा।