अर्से से पैसों के संकट में जूझ रही पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए थोड़ी राहत आई है। पंजाब ने पीयू की तीन मुख्य मांगें मान ली हैं। मंगलवार को पीयू के बोर्ड ऑफ फाइनेंस और पंजाब सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें तय हुआ कि फिलहाल पंजाब की तरफ से पीयू को मिल रहे 27 करोड़ रुपये के बजट में छह फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी।
अगर पीयू की जरूरत इससे ज्यादा बढ़ती रही, तो उसकी भी पूर्ति की जाएगी। इसके अलावा पंजाब पर बकाया पीयू के 17 करोड़ रुपये भी जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। वहीं, पीयू में सातवां पे कमीशन लागू करने पर सहमति बनी है कि जब पंजाब इस कमीशन को लागू करेगा, तो पीयू में भी इसे कर दिया गया जाएगा। क्योंकि अभी तक तो पंजाब ने भी अपने कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन का लाभ नहीं दिया है।
काफी समय के बाद पीयू के बोर्ड ऑफ फाइनेंस की विशेष बैठक बुलाई गई थी। इसमें पंजाब के वित्त विभाग की तरफ से वित्त सचिव अनिरुद्ध तिवारी डायरेक्टर ट्रेजरी अभिनव त्रिखा ने हिस्सा लिया। पीयू की तरफ से मीटिंग में और उससे पहले भी पंजाब सरकार के समक्ष तीन उपरोक्त मांगें रखी थीं, जिन्हें मान लिया गया। वहीं, बैठक के दौरान चर्चा नहीं की गई कि वित्तीय मदद के बदले हरियाणा को पीयू में हिस्सेदारी देनी है नहीं।
हालांकि, ऐसी चर्चा थी कि हरियाणा की हिस्सेदारी का मुद्दा बैठक में उठेगा और इस पर हंगामा भी हो सकता है, लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से इसे चर्चा के लिए लाया ही नहीं गया। बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी की वित्तीय हालत को लेकर काफी समय से माहौल गर्माया हुआ है। वहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है। इसी के चलते फाइनेंस बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी।