पंजाब यूनिवर्सिटी की आर्थिक हालत को सुधारने लिए पीयू प्रशासन आगामी सत्र में फीस बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
पीयू की ओर से सीनियर प्रोफेसर को लेकर तैयार थिंक टैंक ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को 20 से 25 फीसदी ट्यूशन और एग्जामिनेशन फीस बढ़ाने का सुझाव दिया है।
प्रस्ताव पर 22 जुलाई को सिंडीकेट में मुहर लग सकती है। सिंडीकेट से मंजूरी के बाद प्रस्ताव 24 जुलाई को होने वाली सीनेट में फाइन अप्रूवल के लिए रखा जाएगा। पीयू के इस फैसले से पीयू कैंपस और एफिलिएटेड कॉलेजों के करीब तीन लाख से अधिक स्टूडेंट्स पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
नए फीस स्ट्रक्चर से स्टूडेंट्स पर पांच से आठ हजार तक बोझ पड़ेगा।
पीयू मौजूदा समय में आर्थिक तंगी के बुरे दौर से गुजर रहा है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और केंद्र से मिलने वाली करीब 150 करोड़ की ग्रांट अभी अटकी हुई है। यह ग्रांट 2015-16 शैक्षणिक सत्र की है। पीयू प्रशासन के पास कई बार अपने कर्मचारियों और शिक्षकों को वेतन देने के लिए भी मुश्किल का सामना करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, थिंक टैंक कमेटी ने 2016-17 सत्र में ट्यूशन फीस में 20 फीसदी बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। साथ ही अगले दो साल में हर साल 25 फीसदी बढ़ोतरी करने को कहा है। थिंक टैंक कमेटी ने 2015-16 की फीस को बेस मानकर बढ़ोतरी करने को कहा है। इस प्रस्ताव को अब 22 जुलाई को होने वाली सिंडीकेट की विशेष बैठक और फिर 24 जुलाई को सिंडीकेट बैठक में रखा जाएगा।
कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में गठित थिंक टैंक कमेटी की ओर से पीयू की आय बढ़ाने के लिए पांच मीटिंग हो चुकी हैं। इसी वर्ष 9 जुलाई को हुई मीटिंग में थिंक टैंक द्वारा दिए गए सुझावों को लेकर रिव्यू मीटिंग हो चुकी है। कमेटी में करीब 16 लोगों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व डीयूआई, सीनियर सीनेटर और एडवोकेट सत्यपाल जैन, प्रो. पैम राजपूत और पूटा प्रेसिडेंट प्रो. अक्षय कुमार भी शामिल हैं।