पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) को 2016 में दूसरी बार देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी की रैंकिंग मिली है। शुक्रवार बेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2017 में पीयू को देश भर की यूनिवर्सिटी में पहला स्थान मिला है।
यूएस न्यूज एंड ग्लोबल रिपोर्ट की ओर से बेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी की है। शैक्षणिक संस्थानों में बैंगलुरू स्थित इंडियन इंस्टी्यूट ऑफ साइंस(आईआईएस) को देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में दूसरा स्थान दिया गया है।
ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैेंकिंग में आईआईटी मुंबई को तीसरा स्थान दिया गया है। टॉप टेन में स्थान पाने वालों में आईआईटी दिल्ली(4वां),आईआईटी मद्रास(5वां),आईआईटी खड्गपुर(7वां)आईआईटी कानपुर(8वें) आईआईटी दिल्ली(9वें) और बनारस यूनिवर्सिटी(10वें) स्थान पर रही।
बेशक पंजाब यूनिवर्सिटी देश भर की यूनिवर्सिटी में पहले स्थान पर है,लेकिन अंतराष्ट्रीय स्तर पर पीयू टॉप 300 में भी नहीं पहुंच सकी। ग्लोबल रैंकिंग में पीयू को 389 रैंकिंग दी गई है। पीयू को कुल 57.9 अंक मिले हैं।
दूसरे स्थान पर रहे आईआईएस बंगलुरू ने 51.9 अंकों के साथ वर्ल्ड में 444वीं रैंक हासिल की है। पीयू प्रवक्ता विनीत पुनिया ने कहा कि यूनिवर्सिटी वर्ल्ड रैंकिंग में लगातार बेहतर स्थान पा रही है।
12 बिंदुओं पर हुई यूनिवर्सिटी की रैंकिंग
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उन्होंने कहा कि पिछली रैंकिंग में पीयू दूसरे स्थान से अब पहले स्थान पर आ गई है। पीयू क्यूएस रैंकिंग में पहले चार और एनआईआएफ रैंकिंग में 8वें स्थान है। बेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दुनिया भर से 750 यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया था।
12 बिंदुओं पर हुई यूनिवर्सिटी की रैंकिंग
ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग-17 में यूनिवर्सिटी और अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स का 12 विभिन्न बिंदुओं से आंकलन किया गया है। ग्लोबल रिसर्च रेपुटेशन में 12.5 फीसदी,रीजनल रिसर्च रेपुटेशन के 12.5 फीसदी,पब्लिकेशन के 10 फीसदी,बुक्स के 2.5 फीसदी,कांफ्रेंस के 2.5 फीसदी,पब्लिकेशन के 10 फीसदी और हर एकेडमिक सत्र में कुल पीएचडी के 5 फीसदी अंक अंक तय किए गए। पीयू ने रैंकिंग में 57.9 अंक हासिल किए हैं।
टॉप यूनिवर्सिटी बंद होने की कगार पर
देश की चार सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में शामिल पंजाब यूनिवर्सिटी लगातार नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर देेश का मान बढ़ा रही है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार की ओर से जरुरी फंड जारी नहीं होने पर यूनिवर्सिटी के बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है।
आर्थिक स्थिति को लेकर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर पीयू सीनेट में जनवरी 2017 में बकाया फंड नहीं मिलने पर यूनिवर्सिटी बंद होने का बयान दे चुके हैं। पीयू प्रशासन के अधिकारी फंड के लिए केंद्रीय मंत्रियों से लेकर यूजीसी और प्रधानमंत्री तक लगातार चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन पीयू प्रशासन को सिर्फ आश्वासन मिले हैं।
पीयू का टॉप रैंकिंग में आना खुशी की बात है। पीयू ने लगातार अपनी रैंकिंग को बनाए रखा है। इसका श्रेय पीयू के स्टूडेंट,रिसर्च स्कॉलर ,टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टॉफ को जाता है।- प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ,कुलपति पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़