यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने पंजाब यूनिवर्सिटी को बजट की शेष 44 करोड़ की राशि भी जारी कर दी है। यूजीसी का यह फैसला पीयू के लिए संजीवनी की तरह है। नए साल में फैकल्टी और इंप्लाइज को सैलरी मिल जाएगी।
लेकिन यह भी सिर्फ दिसंबर माह तक ही राहत भरा है। इस 44 करोड़ से पीयू फैकल्टी और इंप्लाइज की केवल दिसंबर माह की सैलरी ही दे सकता है। इस वित्त वर्ष के शेष तीन महीनों की सैलरी जारी करने का बजट पीयू के पास नहीं है। जनवरी से मार्च तक का संकट अभी भी बरकरार है।
गौरतलब है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूजीसी को मंजूर बकाया 44 करोड़ रुपये की राशि इस महीने के आखिर तक जारी करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट में पीयू वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने फंड जारी नहीं होने की वजह से सैलरी नहीं दिए जाने की मजबूरी जाहिर की थी।
इसके अलावा उन्होंने अगले तीन महीने के संकट की जानकारी भी दी थी। जबकि यूजीसी पीयू को पहले ही और बजट नहीं दिए जाने की बात लिख चुका है। साथ ही यह भी कहा है कि फिलहाल कोई नई भर्ती पीयू नहीं करेगा। वर्ष 2016-17 में पीयू ने रिवाइज्ड एस्टिमेट के तहत 277 करोड़ रुपये की मांग यूजीसी से की थी।