सरकारी शिक्षण संस्थानों के ज्ञान बांटने व इंफ्रास्ट्रक्चर प्रयोग करने के लिए बनाए गए क्रिक मंच पर अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी शामिल होने जा रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी सरकारी संस्थानों में आ जा सकेंगे और उपकरण आदि का प्रयोग कर सकेंगे। क्रिक के जिम्मेदारों की ओर से कई नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं जो नए शैक्षिक सत्र से पहले लागू हो जाएंगे।
क्रिक की नींव पीयू में पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय रखी गई थी। इस मंच का उद्देश्य था कि एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी जाकर ज्ञान बांटेंगे और उपकरण आदि का प्रयोग कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों का अधिक पैसा भी खर्च नहीं होगा और अपने ही क्षेत्र में सुविधाएं भी मिल जाएंगी। यह मंच लगातार कार्य कर रहा है। इसका संचालन पंजाब यूनिवर्सिटी के हाथ में है।
इस मंच से 29 शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। कई साल से यह काम कर रहा है, लेकिन अब जरूरतों के आधार पर इसके नियमों में बदलाव होने जा रहा है।