पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस इन दिनों इलेक्शन की रौनक से सराबोर है। लेकिन छात्रों की भलाई के लिए काम करने के दावे करने वाले पीयू छात्र संघ उम्मीदवार पोस्टर वार में उलझे ज्यादा नजर आ रहे हैं। हर डिपार्टमेंट के बाहर लगे पोस्टर में उम्मीदवारों की फोटो ही नजर आ रही है, लेकिन यहां उनके किसी भी पार्टी के एजेंडे नजर नहीं आ रहे। हालांकि ये पार्टी छात्र उम्मीदवारों की ओर से विद्यार्थियों को स्टूडेंट सेंटर से लेकर विभाग में जाकर मुलाकात तो की जा रही है, लेकिन इनके एजेंडे क्या हैं इसको लेकर कोई भी साफ नहीं है।
चुनाव को लेकर छात्रों की भलाई की योजनाएं कम पोस्टरों में फोटो की लड़ाई अधिक नजर आ रही है। शुक्रवार को पीयू कैंपस में ब्यॉयज हास्टल से लेकर स्टूडेंट सेंटर और वीसी आफिस के बाहर चौक के पास ही पोस्टर की वार देखने को मिली। हालांकि इन विद्यार्थियों की ओर से अभी प्रचार अपने ही अंदाज में किया जा रहा है।
इस बार पोस्टर भी हैं खास: मनदीप
पंजाब यूनिवर्सिटी हेल्पिंग हैंड (पीयूएचएच) पार्टी के अध्यक्ष उम्मीदवार मनदीप ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की भलाई के लिए पिछले दो साल से काम कर रही है। लेकिन इस बार चुनाव में पोस्टर भी खास हैं। हर उम्मीदवार में पोस्टर वार है।
पोस्टर तो अच्छा होना ही चाहिए: नवदीप गिल
नेशनल स्टूडेंट यूनियन आफ इंडिया (एनएसयू) के चेयरमैन नवदीप गिल ने कहा कि इलेक्शन में सबसे मुख्य पोस्टर ही तो मुख्य होता है। यहां पोस्टर की लड़ाई होना जायज है। नवदीप ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की भलाई के लिए काम करेगी। वहीं पीयू कैंपस में इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन आईएनएसओ के प्रेजीडेंट मोहित जगलन से लेकर नेशनल स्टूडेंट यूनियन आफ इंडिया एनएसयूआई के अध्यक्ष उम्मीदवार पंकज सहित अन्य सभी पार्टी के पोस्टर हर जगह नजर आ रहे हैं।
23 अगस्त को ही यह फैसला लिया गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी में तय जगह से बाहर अगर छात्र संगठन पोस्टर लगाएंगे तो उन पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पीयू की ओर से छात्र संगठनों से मीटिंग के बाद डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में शुक्रवार को डीएसडब्ल्यू ने पीयू के सभी विभाग के चेयरमैन को इन पोस्टर की निगरानी रखने को आग्रह किया है। इन्होंने पीयू की दीवारों, बैंच एवं अन्य प्रॉपर्टी पर पोस्टर लगाने पर पाबंदी लगाई है।