बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से 11 जून को आयोजित पीएमईटी का नतीजा 15 जून को घोषित किया जाना था, लेकिन परीक्षा के दो शिफ्टों होने की वजह से यूनिवर्सिटी को उसका नतीजा तैयार करने में तकनीकी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
इस समस्या को सुलझाने के लिए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने एम्ज नई दिल्ली से मदद मांगी है और अब उनके फार्मूले के आधार पर पीएमईटी की मेरिट सूची तैयार की जा रही है।
जानकारी के अनुसार बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने इस साल पहली बार ऑनलाइन पीएमईटी का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के लिए हरियाणा, जम्मू कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में भी सेंटर बनाए गए लेकिन ऐन मौके पर हरियाणा में जाट आंदोलन खड़ा होने के चलते यूनिवर्सिटी को बाहरी राज्यों के परीक्षा केंद्र रद्द करने पड़े और यह परीक्षा सिर्फ पंजाब में दो शिफ्टों में करवानी पड़ी। अब दो शिफ्टों में परीक्षा करवाने की वजह से ही यूनिवर्सिटी को नतीजा तैयार करने में दिक्कत आ रही है।
यूनिवर्सिटी की तरफ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले नार्मोलाइजेशन के साथ प्रतिशत व प्रतिशतक फार्मूले के आधार पर नतीजा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नार्मोलाइजेशन के तहत दो शिफ्टों में शामिल तमाम परीक्षार्थियों की रैंक की सूची तैयार होगी जबकि प्रतिशत व प्रतिशतक फार्मूले से सही मेरिट सूची का निर्माण होगा। प्रतिशत परीक्षार्थी के अंक पता चलते हैं और प्रतिशतक में उसके रैंक की जानकारी मिलेगी।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने बताया कि पीएमईटी नतीजे को लेकर पैदा हुए भ्रम को सुलझाने के लिए हमने एम्ज नई दिल्ली से मदद ली है जोकि हर साल दो शिफ्टों में ही परीक्षा का आयोजन करवाती है। उसके फार्मूले के आधार पर ही नतीजा तैयार किया जा रहा है ताकि किसी परीक्षार्थी के योग्यता से खिलवाड़ न हो सके।