पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) चंडीगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब जितनी भी शिक्षक पदों पर भर्तियां होंगी उसके लिए अभ्यर्थी का पीएचडी होना अनिवार्य होगा। पेक प्रशासन के इस प्रस्ताव पर यूटी प्रशासन ने मुहर लगा दी है। इसी शैक्षिक सत्र से यह नियम लागू हो जाएगा।
ऐसे तैयार किया प्रस्ताव
पेक में नौ विभाग संचालित हैं। इसके अलावा सात से अधिक सेंटर हैं। इन विभागों व सेंटरों का संचालन करने का जिम्मा लगभग 105 शिक्षकों के पास है। विद्यार्थियों की संख्या यहां 3300 से अधिक है। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षकों की संख्या में बड़ी कमी है। पेक प्रशासन अभी तक जैसे-तैसे काम चला रहा था।
कुछ गेस्ट फैकल्टी भी रखी जा रही थी तो उसकी योग्यता के लिए पीएचडी अनिवार्य नहीं थी। अन्य शिक्षकों की भर्ती के लिए भी रिसर्च पार्ट महत्वपूर्ण नहीं था। तमाम विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती पीएचडी की डिग्री के जरिए होने लगी तो पेक ने भी इस पर विचार किया और इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया। यह प्रस्ताव यूटी प्रशासन को भेजा गया। वहां भी इस पर विचार हुआ, लेकिन इसको मंजूरी दे दी गई।