छात्रों की दिक्कतों पर एक नजर डालें तो चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्मेंट कॉलेज सेक्टर- 46 के सैकड़ों बीसीए स्टूडेंट का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम तो जैसे-तैसे दे दिए हैं, लेकिन दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई कहां होगी और दाखिले कहां मिलेंगे? यह अभी तय नहीं है। छात्रों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं अभिभावक भी इसको लेकर चिंता में हैं। इसका कारण यह है कि यहां बीसीए के दाखिले करवा लिए गए, लेकिन अभी तक इस कॉलेज में बीसीए की मान्यता नहीं मिली है।
छात्रों को इसकी जानकारी उस समय लगी जब परीक्षाएं शुरू होनी थीं और उन्हें एडमिट कार्ड ऑनलाइन नहीं मिले। छात्रों ने इसका कारण जाना तो पता लगा कि उनके कॉलेज में बीसीए की मान्यता ही नहीं है। मामला छात्र संगठन आइसा तक पहुंचा तो विरोध हुआ और आखिर में छात्रों को परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड दे दिए गए। आधे छात्रों ने अपने कॉलेज और आधे विद्यार्थियों ने सेक्टर- 11 के पीजीजीसी कॉलेज में एग्जाम दिए। परीक्षाएं 18 दिसंबर को खत्म हो गई हैं। अब उन्हें अगले सेमेस्टर की चिंता सता रही है।
दो रुपये शुल्क, पार्किंग का किराया पांच रुपये वसूल रहे
स्टूडेंट में कॉलेज में पार्किंग शुल्क अधिक लिए जाने पर नाराजगी है। पार्किंग का शुल्क दो रुपये निर्धारित है, लेकिन छात्रों से टूव्हीलर के पांच रुपये तक लिए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि यदि कोई नया व्यक्ति आता है तो उससे दस रुपये तक लिए जाते हैं। इसको लेकर कुछ माह पहले भी विरोध किया गया, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हो पाया है। इससे छात्रों में आक्रोश पनप रहा है। कई स्टूडेंट कॉलेज के बाहर वाहन शुल्क के कारण खड़ा करते हैं, लेकिन उन्हें वाहनों के चोरी होने का डर सताता रहता है।
लाइब्रेरी में पढ़ाई का माहौल नहीं
लाइब्रेरी में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा है। छात्रों का कहना है कि लाइब्रेरी में छात्र मोबाइल पर गाने सुनते और गेम आदि खेलते नजर आते हैं। अगर विरोध किया जाता है तो लड़ाई करने पर वह आमादा होते हैं। इसके कारण पढ़ते वाले स्टूडेंट को काफी परेशानी होती है।
बीसीए की मान्यता का मामला विश्वविद्यालय के संज्ञान में है। इस पर जल्द ही निर्णय हो जाएगा। छात्र चिंतित न हों। अन्य समस्याओं का भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
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रोजी वालिया, प्राचार्य