चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में कोटे के माध्यम से प्रवेश पाने के लिए अचानक गरीब बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। 73 प्राइवेट स्कूलों में गरीब तबके के लगभग 1750 बच्चों का दाखिला होना है। इसके लिए प्रशासन ने करीब 8 हजार आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सात टीमें बनाई हैं। आवेदन जिस प्रकार से आ रहे हैं, उससे प्रशासन को अनुमान है कि यह संख्या 12 हजार के करीब पहुंच सकती है। प्रशासन की ओर से 15 जनवरी तक आय प्रमाण पत्र निर्गत करने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। शहर के नामचीन प्राइवेट स्कूलों में केजी और नर्सरी के दाखिले की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
स्कूल एजूकेशन की गाइडलाइन के अनुसार सभी स्कूलों को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 25 फीसदी बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। इसे लेकर बच्चों के अभिभावकों को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने का प्रमाण पत्र देना है। इसके लिए डिप्टी कमिश्नर ऑफिस से प्रमाण पत्र निर्गत करने केलिए सात टीमों का गठन किया गया है। इन सात टीमों में 20 से अधिक जानकार कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो आठ हजार के करीब आय प्रमाण पत्र बनने हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से यह आशंका जताई जा रही है कि जिस प्रकार से आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फार्म आ रहे हैं। उसे देखते हुए लगता है कि यह संख्या 12 हजार को पार कर जाएगी।
18 जनवरी तक होंगे प्रवेश
सिटी के प्राइवेट स्कूलों में 3 दिसंबर से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं, कुछ स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन होने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद अब 18 जनवरी तक सभी को प्रवेश लेना है। इसके लिए स्कूलों से बाकायदा गाइड लाइन जारी की गई है। इसी के क्रमानुसार अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला करा सकेंगे। यही वजह है कि प्रशासन 15 जनवरी तक सभी आय प्रमाण प्रत्र निर्गत कर देगा।
ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत होने वाले 25 फीसदी एडमिशन के लिए सभी स्कूलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई स्कूल गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बच्चों का प्रवेश लेने में अनाकानी करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बीएल शर्मा, एजूकेशन सेक्रेटरी यूटी प्रशासन
प्रशासन अगर बच्चों को राहत देने के लिए जल्द आय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराता है, तो यह सभी के लिए अच्छी बात है क्योंकि बीते दिनों में आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को डीसी ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।
-- नितिन गोयल, प्रेसिडेंट पेरेंट्स एसोसिएशन चंडीगढ़