आयुर्वेदिक चिकित्सा में परास्नातक पाठ्यक्रमों (पीजी कोर्स) की पढ़ाई अब हरियाणा में कुरुक्त्रि जिला स्थित श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में की जा सकेगी। केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी पांच विषयों में ही इस पढ़ाई के लिए 24 सीटों को मंजूरी प्रदान की गई है परंतु संभावना जताई जा रही है कि अगले शैक्षणिक सत्र में न केवल सीटों की संख्या बढ़ेगी बल्कि दूसरे विषयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
मालूम हो कि अभी तक प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेज में पीजी कोर्स न होने के चलते छात्रों को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर जैसे प्रदेशों का रुख करना पड़ता था । इसी वजह से बीएएमस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी भी एमएमएस कोर्स शुरू किए जाने की मांग कर थे। श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं आयुष विश्विद्यालय की ओर से केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी मंत्रालय ने पत्र जारी कर आयुर्वेदिक कॉलेज को पांच विषयों में यह कोर्स शुरू कराने की अनुमति दी है।
मंगलवार को कॉलेज प्रशासन के पास इस संदर्भ में स्वीकृत पत्र पहुंचते ही शिक्षकों और विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। आयुष मंत्रालय ने पीजी कोर्स शुरू करने के साथ ही 15 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से आरक्षण का प्रावधान रखने के भी निर्देश दिए है। बता दें कि कॉलेज की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय टीम ने दो माह पहले कॉलेज का निरीक्षण किया था।
इन विषयों में पीजी कोर्स की मंजूरी
- कुमारभरित्य में तीन सीटें
- पंचकर्मा में तीन सीटें
- शल्यतंत्र में छह सीटें
- शरीर रचना में छह सीटें
- शरीर क्रिया में छह सीटें
एआईपीजीईटी मेरिट के आधार पर होंगे दाखिले
जुलाई माह में ऑल इंडिया स्तर पर एआईपीजीईटी का आयोजन होगा। इस परीक्षा में मेरिट के आधार पर ही विद्यार्थियों को इन पांचों विषयों में दाखिले दिए जाएंगे। परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही कांउसिलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसकी तैयारियां कॉलेज में अभी से शुरू कर दी गई है।
अगले सत्र में नौ विषयों के पीजी कोर्स का प्रस्ताव तैयार
श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कुमार जाटियान का कहना है कि कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू होना गर्व की बात है। अभी पांच विषयों में ही अनुमति मिली है, लेकिन प्रयास किए जा रहे है कि अगले सत्र से बाकी नौ विषयों में भी ये कोर्स शुरू हो सके। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसे जल्द ही विभाग व प्रदेश एवं केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया है।
सीएम व स्वास्थ्य मंत्री का होगा सम्मान
हरियाणा आयुर्वेदिक कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक राणा ने पीजी कोर्स शुरू करने की केंद्र सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह कुलपति डॉ. बलदेव कुमार धीमान, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अथक प्रयासों से ही संभव हो पाया है।
अब तक प्रदेश में आयुर्वेदिक प्रणाली में पीजी कोर्स शुरू नहीं हो पाया था, जिसके चलते विद्यार्थियों को दूसरे प्रदेशों में भारी खर्च कर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ता था। एसोसिएशन की ओर से कुलपति, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया जाएगा, जिसके लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।