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चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में किताबें-यूनिफार्म के नाम पर हो रहा ‘खेल’, परिजनों से सौंपी शिकायत

Tue, 17 Mar 2020 01:39 PM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में किताबें व यूनिफार्म के नाम पर खेल चल रहा है। चंडीगढ़ के दो जाने माने स्कूलों के खिलाफ चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग, सीबीएसई और सीसीपीसीआर को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में प्राइवेट स्कूलों पर गैर कानूनी तरीके से महंगे दामों पर किताबें और यूनिफार्म बेचने व छोटी कक्षाओं में बच्चों को अतिरिक्त विषय पढ़ाने की बात कही गई है। शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक नामी प्राइवेट स्कूली पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को अतिरिक्त विषय पढ़ा रहा है।
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इसके साथ ही उन्हें नॉन एनसीईआरटी किताब से पढ़ाया जा रहा है। शिकायत में परिजनों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र के अलावा मद्रास और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को आधार बनाया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को भाषा और गणित के अलावा अन्य विषय नहीं पढ़ाए जाएंगे। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन ने बताया कि सोमवार को स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग और सीसीपीसीआर को शिकायत सौंपी गई है।

वहीं एक परिजन ने बताया कि एक अन्य स्कूल भी किताबें और यूनिफार्म खरीदने के लिए स्कूल में रुपये जमा करवाने के लिए बोल रहा है। परिजनों ने बताया 15 प्रतिशत डिस्काउंट के बाद आठवीं कक्षा की स्टेशनरी पांच हजार 397 रुपये और दूसरी कक्षा की स्टेशनरी दो हजार 745 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही 125 रुपये डिलीवरी चार्जेज होंगे। वहीं स्कूल आईडी कार्ड  और डायरी परिजनों को अलग से खरीदनी होंगी। स्कूल में कई किताबें एनसीईआरटी के अलावा अन्य पब्लिशर की लगवाई जा रही है। जिसके कारण परिजन स्कूलों से ही महंगे दामों में किताबें लेने को मजबूर है, क्योंकि बाहर किताबें नहीं मिल रही है। 
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2016 में 23 स्कूलों के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

वर्ष 2016 में परिजनों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल ड्रेस और यूनिफार्म निर्धारित दुकानों से खरीदने के निर्देश देने वाले 23 स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान शिक्षा विभाग ने इस गतिविधि को गैर कानूनी बताया था। इसके साथ ही आदेश दिया गया था कि अगर स्कूलों ने गैर कानूनी गतिविधियां बंद नहीं की तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इन 23 स्कूलों में आरोप लगे ये दोनों स्कूलों का नाम भी शामिल था।

हमारे पास अभी तक दो स्कूलों के खिलाफ शिकायत आई हैं। इनसे जवाब मांगा है। इसके साथ ही इन्हीं के आधार पर शहर के सभी स्कूलों को पिछले हफ्ते गाइड लाइन जारी की थी की स्कूलों में एनसीईआरटी के अलावा अन्य किताबें पढ़ाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 - अलका मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, यूटी
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