आखिर में सदस्यों ने वीसी से मिलने का मन बनाया और वीसी कार्यालय आ गए। वहां बैरिकेड लगे थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका लेकिन नारेबाजी हुई तो वह आगे पहुंचे। वहां वीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर भी जंजीर लगा दी गई ताकि कोई प्रवेश न कर पाए। यह देख सिंडिकेट सदस्यों का पारा और चढ़ गया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। वीसी के खिलाफ नारे लगाए। पहुंचे अधिकारियों से कहा कि वह वीसी से मुलाकात करेंगे। इस मांग पर अड़े रहे और आखिर में ताला खोला गया।
वीसी और सिंडिकेट सदस्य आमने-सामने
आप जैसा चाहते हैं वैसा नहीं हो सकता। कोरोना से हालात ठीक होंगे तो कुछ काम होगा। वीसी प्रो. राजकुमार।
जिस तरह से आपने व्यवहार किया है वह व्यक्तिगत है और हम केवल इसे ऑफिशियल रखना चाहते हैं। यदि यह प्रकरण व्यक्तिगत पहुंचा तो फिर प्रेसवार्ता के जरिए हम तमाम परतें खोलेंगे। इसलिए सिंडिकेट की बैठक बुलाएं। - अशोक गोयल, सिंडिकेट सदस्य ।
नहीं निकला नतीजा... सदस्यों ने दी चेतावनी
वीसी व सदस्यों की बातचीत में कुछ निर्णय नहीं हो पाया है। पीयू प्रशासन न तो सिंडिकेट की बैठक बुलाने के पक्ष में है और न सीनेट चुनाव करवाने के लिए। आखिर में सदस्यों ने चेतावनी दी है कि इसी सप्ताह सिंडिकेट की बैठक बुलाएं अन्यथा वह अगला कदम उठाएंगे।
भाजपाई सदस्य नहीं पहुंचे थे बैठक में
सिंडिकेट के सदस्यों की ओर से बुलाई गई बैठक में भाजपा के सदस्य नहीं पहुंचे थे। गोयल ग्रुप के ही सदस्य शामिल रहे। बैठक के लिए अशोक गोयल, डॉ. नवदीप गोयल, डीपीएस रंधावा, अनु चतरथ आदि सदस्य शामिल रहे। जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा भाजपा बनाम कांग्रेस हो गया है। दोनों की प्रतिष्ठा इस प्रकरण से दांव पर लगी है।