पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल अब ऑनलाइन अलॉट होंगे। यूनिवर्सिटी ने अपने पास मौजूद सारा डाटा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। डाटा अपलोड होने के बाद पता चल सकेगा कि कौन कितने समय से हॉस्टल में है। इससे सीधा फायदा उन स्टूडेंट्स को होगा जो साल भर हॉस्टल के लिए भटकते रहते हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
पीयू में लड़कों के लिए आठ और लड़कियों के लिए नौ हॉस्टल हैं। एक हॉस्टल फोरेन के स्टूडेंट्स के लिए है। पीयू में हमेशा से ही हॉस्टल के लिए मारामारी रहती है। स्टूडेंट्स हॉस्टल अलॉट कराने के लिए भटकते रहते थे। इतने हॉस्टल होने के बावजूद कई स्टूडेंट्स को कमरा नहीं मिल पाता था।
यह आती थी समस्या
सूत्रों के मुताबिक कई स्टूडेंट अर्से से हॉस्टल के कमरों पर कब्जा जमाए रहते हैं। पीयू रिकॉर्ड में हॉस्टल बुक दर्शाता रहता था। वहीं कुछ जरूरतमंद स्टूडेंट्स हॉस्टल की सुविधा से महरूम रह जाते थे। अकसर ऐसे भी मामले पकड़े गए कि ऐसे स्टूडेंट के नाम पर हॉस्टल अलॉट होता था जो खुद तो वहां नहीं रहता, लेकिन उसके सगे साथी वहां रहते थे।