बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक ने स्कूलों में चल रही सभी प्रकार की गतिविधियों और कार्यक्रमों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी कहा है कि अध्यापक व विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं तक किसी भी ट्रेनिंग प्रोग्राम, प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेंगे। वार्षिक परीक्षाओं तक उन्हें केवल अपनी पढ़ाई पर ही फोकस करना होगा।
हालांकि शिक्षा निदेशालय ने जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह रोक 31 मार्च तक ही प्रभावी रहेगी। किसी भी अध्यापक को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी के अतिरिक्त अन्य गतिविधि के लिए रिलीव नहीं किया जाएगा। वर्तमान समय में जो भी गतिविधियां चल रहीं हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षाओं के बाद ही आयोजित करवाया जाए। जारी आदेशों को लेकर किसी भी प्रकार की अवहेलना के लिए संबंधित अध्यापक, स्कूल मुखिया के साथ खंड एवं जिला स्तरीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डाइट, बाइट प्रधानाचार्य, जिला परियोजना समन्वयक एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पांच फरवरी को जारी किए गए पत्र में अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियां तुरंत प्रभाव से स्थगित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक किसी भी अध्यापक को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी के अतिरिक्त किसी भी अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों के लिए रिलीव न किया जाए। अगर वर्तमान समय में इस प्रकार की कोई गतिविधि चल रही है, जिसमें अध्यापक या विद्यार्थी शामिल हैं, तो उसे तुरंत बंद किया जाए।
परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए जारी किए आदेश
बोर्ड परीक्षाओं में राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ही शिक्षा निदेशालय द्वारा इस प्रकार के आदेश जारी किए गए हैं। जिन गतिविधियों में अध्यापकों व विद्यार्थियों की प्रतिभागिता हो, 5 फरवरी से ही ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जो भी गतिविधियां चल रही हैं, उन सभी गतिविधियों को तुरंत स्थगित कर बोर्ड परीक्षाओं के बाद ही करवाई जाएं। जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्कूलों के अध्यापक व विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारियों पर ही ध्यान दें।
परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें अध्यापक
बोर्ड परीक्षाओं में राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम गत वर्षों की तुलना में बेहतर हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाए और इसी के अनुसार तैयारी करवाई जाए। 10वीं व 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं मार्च माह के पहले सप्ताह से प्रारंभ हो रही है। इसलिए शिक्षा विभाग के सभी अंग वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी करने तथा जिलेवार एवं कक्षावार दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति पर ध्यान केंद्रित करें। जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि आदेशों को लेकर किसी भी प्रकार की अवहेलना के लिए संबंधित अध्यापक या स्कूल मुखिया के साथ खंड एवं जिला स्तरीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
अध्यापकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम को स्थगित करने के निर्देश : डीईओ
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रकार के अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताओं या अन्य ऐसी गतिविधि जिसमें अध्यापक व विद्यार्थी शामिल हों को स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह रोक 31 मार्च तक रहेगी। इन सभी गतिविधियों को बोर्ड परीक्षाओं के बाद ही आयोजित करवाने के निर्देश दिए हैं। आदेशों की पालना दृढ़ता से करने के निर्देश दिए हैं।
-सतपाल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।