पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) और रीजनल सेंटरों में जुलाई 2017 से ट्यूशन फीस बढ़ोतरी किए जाने के मसले पर शनिवार को सिंडीकेट बैठक में फैसला नहीं हो सका।
फीस बढ़ाने को लेकर सिंडीकेट सदस्यों में काफी लंबी बहस हुई। लेकिन कुछ सदस्यों के कड़े विरोध के बाद मामले को 26 मार्च 2017 में होने वाली सीनेट के लिए स्थागित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार पीयू सिंडीकेट में कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने फीस बढ़ोतरी की जरूरत के संबंध में विस्तार से चर्चा की। प्रो.ग्रोवर ने कहा कि एमएचआरडी और यूजीसी के निर्देश पर फंड बढ़ाने के लिए फीस में बढ़ोतरी जरूरी बताया।
उधर, इस मामले में सिंडीकेट सदस्य विरेंद्र गिल और रविंद्र नाथ ने कड़ा विरोध किया। दोनों सदस्यों ने फीस बढ़ोतरी को छात्र विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ट्यूशन फीस में 8 से 10 गुणा बढ़ोतरी गरीब विद्यार्थियों के लिए पीयू के रास्ते बंद करने जैसा होगा।
कुछ सिंडीकेट सदस्यों ने इस मामले में विस्तार से चर्चा करने का सुझाव दिया। काफी लंबी चर्चा के बाद प्रस्ताव को सीनेट में लगाने पर सहमति बनी।
उधर, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा सी क्लास कर्मचारियों को 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद पांच साल अतिरिक्त एक्सटेंशन दिए जाने के मामले पर भी लंबी बहस हुई।
पीयू कर्मचारियों को पहले से मिल रही एक्सटेंशन लाभ को लेकर सिंडीकेट सदस्यों ने कई सवाल उठाए। सिंडीकेट ने फिलहाल कर्मचारियों को मार्च तक एक्सटेंशन जारी रखने पर फैसला लिया और मामले को मार्च में होने वाली सीनेट में पेश करने का सुझाव दिया।
सिंडीकेट सदस्यों को दिया ज्ञापन
शनिवार को पीयू प्रशासनिक ब्लॉक में सिंडीकेट बैठक से पहले पीयू सी क्लास एसोसिएशन के अधिकारियों ने सी क्लास कर्मचारियों को 60 साल के बाद एक्सटेंशन नियमों के बदलाव के विरोध में एकजुटता दिखाई।
कर्मचारियों ने सभी सिंडीकेट सदस्यों को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। उधर पीयू के गेट गेट नंबर तीन के साथ नए गेट बनाने के विरोध में भी कई प्रोफेसर और कर्मचारियों ने मामले को बैठक में उठाने की मांग करते हुए सिंडीकेट सदस्यों को ज्ञापन सौंपा।