सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(सीबीएसई) ने अप्रैल 2017 से सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लागू करने के निर्देश दिए है। लेकिन इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन इस फैसले को मानने को तैयार नहीं है। सीबीएसई के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग को प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें लागू करवानी पड़ेंगी।
एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के बीच ठन सकती है। जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन और प्राइवेट स्कूलों की 2 मई 2016 को गठित कोर कमेटी की मंगलवार को महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में सभी प्राइवेट स्कूलों को आगामी सत्र से सिर्फ एनसीईआरटी किताबें लागू करने पर चर्चा होगी।
उधर, इस मामले में इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन प्रेसिडेंट एचएस मामिक का कहना है कि सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लगवा पाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ पेरेंट्स सिर्फ एनसीईआरटी किताबों से अपने बच्चों को पढ़वाना चाहते हैं तो उनके लिए अलग सेक्शन बनाने का विकल्प है। मामिक ने कहा कि मंगलवार की डीएसई के साथ मीटिंग में इस मामले को रखा जाएगा।