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एनसीईआरटी किताबें: प्राइवेट स्कूल और शिक्षा विभाग आमने-सामने

Tue, 21 Feb 2017 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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cbse - फोटो : File Photo
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(सीबीएसई) ने अप्रैल 2017 से सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लागू करने के निर्देश दिए है। लेकिन इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन इस फैसले को मानने को तैयार नहीं है। सीबीएसई के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग को प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें लागू करवानी पड़ेंगी।
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एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के बीच ठन सकती है। जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन और प्राइवेट स्कूलों की 2 मई 2016 को गठित कोर कमेटी की मंगलवार को महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में सभी प्राइवेट स्कूलों को आगामी सत्र से सिर्फ एनसीईआरटी किताबें लागू करने पर चर्चा होगी।  

उधर, इस मामले में इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन प्रेसिडेंट एचएस मामिक का कहना है कि सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में लगवा पाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ पेरेंट्स सिर्फ एनसीईआरटी किताबों से अपने बच्चों को पढ़वाना चाहते हैं तो उनके लिए अलग सेक्शन बनाने का विकल्प है। मामिक ने कहा कि मंगलवार की डीएसई के साथ मीटिंग में इस मामले को रखा जाएगा। 
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बुक विक्रेताओं ने अभी तक नहीं दिया किताबों का आर्डर 

- फोटो : File Photo
दिसंबर तक प्राइवेट स्कूलों को लेनी थी अप्रूवल 
शहर के प्राइवेट स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबों को लेकर करीब एक साल से चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन (सीपीए) कड़ा विरोध कर रही है। सरकारी स्कूल में जो बुकसेट 300-400 का मिलता है वही बुकसेट प्राइवेट स्कूलों में 4 से 5 हजार में अभिभावकों को खरीदना पड़ता है। शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों को दिसंबर तक अप्रैल 2017 की किताबें अप्रूव करवाने के लिए लिस्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन किसी भी स्कूल ने विभाग के आदेशों का पालन नहीं किया। 

बुक विक्रेताओं ने अभी तक नहीं दिया किताबों का आर्डर 
प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों और शिक्षा विभाग के बीच किताबों के मामले पर कोई फैसला नहीं होने से शहर के अधिकतर किताब विक्रेता परेशान हैं। जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों ने अभी तक किताबों की लिस्ट फाइनल नहीं की है। उधर, सीबीएसई ने सभी स्कूलों को 22 फरवरी तक एनसीईआरटी की किताबों के लिए आर्डर देने की आखिरी तारीख तय कर रखी है।
 
एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में शामिल करने और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की कोर कमेटी की मीटिंग बुलाई गई है। शिक्षा विभाग ने तो पहले ही एनसीईआरटी की किताबों के लिए दो करोड़ मंजूर कर आर्डर दे दिया है। 
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी 
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