पीयू के अफसर अपनी गलतियों से सबक नहीं ले रहे हैं। बरसात में जहां तहां पौधे रोप जा रहे हैं। आरोप है कि इसके लिए फ्यूचर प्लानिंग नहीं देखी गई। भविष्य में निर्माण होगा तो इन पेड़ों पर आरी चलेगी। इसको लेकर कई पर्यावरण प्रेमियों ने पीयू वीसी प्रो. राजकुमार को चिट्ठी भेजी है। कहा है कि पहले मास्टर प्लान को देखते और उसके बाद पौधरोपण करवाते। पीयू के आंकड़ों को देखें तो 150 से अधिक प्रजातियों के चार हजार से अधिक पेड़ लगे हैं।
अब पीयू प्रशासन ने कैंपस को ईको फ्रेंडली बनाने के लिए 25 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है, जो अब तक का सर्वाधिक है। जानकारों का कहना है कि पीयू प्रशासन को यह देखना चाहिए था कि अगले दस साल की प्लानिंग क्या है, कहां पर भवन, बिल्डिंग व सड़कें बनेंगी यह देखना चाहिए था और उसके बाद ही पौधरोपण किया जाना था। सेक्टर- 17 निवासी ओमेंद्र प्रताप सिंह और राजेश शर्मा ने शिकायत में कहा है कि बिना प्लानिंग के जो पौधे लगाए जा रहे हैं उन पर भविष्य में आरी चलने की संभावना है।
ऐसे में पीयू अपने कैंपस को ईको फ्रेंडली नहीं बना सकेगा। उन्होंने यह सवाल भी उठाया है कि 25 हजार पेड़ अचानक पीयू को लगाने की कैसे याद आई? पिछले 50 वर्षों में अब तक चार हजार पेड़ जिंदा है। 25 हजार पेड़ कहां लगेंगे और इनकी सुरक्षा कैसे होगी? यह भी नहीं देखा गया। पेड़ों के बहाने से खेल करने की तैयारी चल रही है। हालांकि यह जांच का विषय है।