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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्णय, नए शैक्षिक सत्र में एमटेक और पीएचडी के छात्रों को नहीं मिलेगा हॉस्टल

Sun, 06 Dec 2020 07:30 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज। - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज नए शैक्षिक सत्र में एमटेक और पीएचडी के विद्यार्थियों को हॉस्टल की सुविधा नहीं देगा। इनके अलावा चंडीगढ़ कोटे से प्रवेश पाने वाले बीटेक के उन विद्यार्थियों को भी हॉस्टल नहीं मिलेंगे, जिन्होंने अपने घर चंडीगढ़ से दूर बताए हैं। पेक ने हॉस्टलों में सीटों की संख्या कम होने के कारण इस बार सख्त नियम बनाए हैं।

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इस नियम से पेक के लगभग 700 विद्यार्थियों को किराये पर या अन्य किसी जगहों पर रहना होगा। पेक के इस निर्णय की तारीफ भी हो रही है और कुछ छात्र इसे पसंद भी नहीं कर रहे हैं लेकिन पेक ने साफ कर दिया कि नियम इस सत्र से लागू हो रहा है।

इस तरह लिया निर्णय
पेक में छह छात्रावास हैं। इनमें लगभग 1200 सीटें हैं। पिछले वर्षों तक हॉस्टल आवंटन की जो प्रक्रिया चली आ रही थी उसी के तहत छात्रों को दाखिल किया जा रहा था। पुरानी प्रक्रिया के तहत तमाम विद्यार्थियों को छात्रावास नहीं मिल पाते थे, जो वाकई दूरस्थ केंद्रों के थे। चंडीगढ़ कोटे के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को दोहरा लाभ मिलता था। 

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एक तो चंडीगढ़ कोटे के तहत दाखिला मिला और दूसरा उनमें से कई विद्यार्थियों को हॉस्टल भी आवंटित होता था, क्योंकि वह इस बेस पर हॉस्टल लेते थे कि उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई चंडीगढ़ से की है लेकिन वह रहने वाले 100 से 200 किमी दूर के हैं। पेक ने इस बात अधिक गौर किया और उसके बाद निर्णय लिया।

ये छात्र कर लेंगे रहने की व्यवस्था
पेक का सोचना है कि चंडीगढ़ कोटे के इन विद्यार्थियों को यदि हॉस्टल नहीं मिलता है तो इन्हें अधिक परेशानी का सामना नहीं करना होगा, क्योंकि इंटरमीडिएट करने के दौरान अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं या फिर उनके अपने आवास हैं। हॉस्टल उन विद्यार्थियों को दिया जाएगा जो दूर के क्षेत्रों से आए हैं। 

पेक को चाहिए दो और हॉस्टल
पेक में छह हॉस्टल हैं। पेक को दो और हॉस्टलों की आवश्यकता है। इनकी क्षमता कम से कम एक हजार बेड से अधिक की हो। इसका प्रस्ताव पेक ने तैयार किया है लेकिन कामयाबी मिले तो बात बने। यह हॉस्टल बनते ही पेक के अधिकांश विद्यार्थियों के रहने की समस्या अपने आप हल हो जाएगी। पेक को उम्मीद है कि यह काम जल्द होगा। 
हॉस्टलों में सीटों की संख्या कम हैं और छात्र अधिक। ऐसे में इस बार एमटेक और पीएचडी के विद्यार्थियों को छात्रावास नहीं दिए जाएंगे। साथ ही चंडीगढ़ कोटे से आने वाले विद्यार्थियों को रूम आवंटित नहीं होंगे।  - प्रो. धीरज सांघी, निदेशक, पेक।
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