लाखों स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी। अब छात्र ऑनलाइन अपनी मार्कशीट में करेक्शन कर सकेंगे। इसके लिए नया पोर्टल तैयार किया गया है। एमडीयू और संबद्ध कॉलेजों में पढ़ रहे लाखों छात्रों को यह सुविधा दी जा रही है।
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ऐसे में मार्कशीट में करेक्शन कराने के लिए अब उन्हें इधर-उधर चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे घर बैठे मार्कशीट में ऑनलाइन करेक्शन कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी के रिजल्ट में सिक्योरिटी के और भी मजबूत फीचर जोड़े जाएंगे। यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर सेंटर ने कड़ी मशक्कत के बाद रिजल्ट का नया पोर्टल तैयार किया है।
छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस पोर्टल को क्रियेट किया गया है। कंप्यूटर सेंटर डायरेक्टर डॉ. जीपी सरोहा के निर्देशन में टेक्निकल असिस्टेंट सॉफ्टवेयर सपोर्ट विकास नागिल ने इसे विकसित किया है। पोर्टल करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है, उम्मीद है कि जल्दी ही इसे अधिकारिक तौर पर लांच कर दिया जाएगा।
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ऐसे होगी मार्कशीट में ऑनलाइन करेक्शन
दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
टेक्निकल असिस्टेंट सॉफ्टवेयर सपोर्ट विकास नागिल ने बताया कि कई बार मार्कशीट में नाम या फिर किसी अन्य कॉलम में त्रुटि हो जाती है। इस कारण उसे ठीक कराने के लिए छात्र को बार-बार यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में समय और रुपये दोनों बर्बाद होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन अपना परिणाम देख सकेंगे, यदि मार्कशीट में कोई त्रुटि दिखाई देती है तो उसके लिए पोर्टल में फीडबैक का ऑप्शन दिया जाएगा। छात्र इस पर अपना करेक्शन कर उसे ऑनलाइन सबमिट कर देगा, जिसे सीधा परीक्षा विभाग से जोड़ा जाएगा। इसके कुछ समय बाद छात्र की मार्कशीट में करेक्शन कर उसे दोबारा से पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
रोल नंबर भूल गए तो उसका भी होगा समाधान
यदि किसी कारण छात्र अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए हैं तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उदाहरण के तौर पर यदि कोई छात्र पांचवें या छठे सेमेस्टर का रिजल्ट देखना चाहता है और रोल नंबर भूल गया है तो वह इससे पहले सेमेस्टर का कोई भी एक रोल नंबर पोर्टल पर डाल सकता है। सभी सेमेस्टर का रिजल्ट एक साथ कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा।
मार्कशीट पर अब कोड के साथ सब्जेक्ट का नाम भी
दाखिला
- फोटो : amar ujala
अभी तक अधिकतर मार्कशीट पर केवल सब्जेक्ट का कोड दिया जाता है। उस कोड के हिसाब से ही छात्र पता करता है कि यह कौन से सब्जेक्ट का कोड है। लेकिन नए पोर्टल में कोड के साथ-साथ सब्जेक्ट का नाम भी दिया जाएगा। इससे यह फायदा होगा कि छात्र को मार्कशीट देखते ही समझ आ जाएगा कि यह कौन सा सब्जेक्ट है, वह कोड के फेर में नहीं उलझेगा।
खुद का रिजल्ट लॉक कर सकेंगे छात्र
इस पोर्टल में सबसे बड़ी बात यह होगी कि छात्र अपना आनलाइन रिजल्ट लॉक कर सकेंगे। यह इसलिए किया गया है कि यदि किसी कारण दूसरे व्यक्ति को छात्र का रोल नंबर पता चल जाता है तो वह संबंधित छात्र का रिजल्ट नहीं देख सकेगा। नये पोर्टल में रिजल्ट लॉगिन करते ही छात्र के मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जाएगा, जिसे डालने के बाद ही रिजल्ट कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा जा सकेगा।
डिपार्टमेंट के टॉप पांच छात्रों का होगा अलग डाटा
एडमिशन
- फोटो : amar ujala
नए पोर्टल में यूनिवर्सिटी के सभी डिपार्टमेंट के टॉप फाइव छात्रों का एक अलग डाटा भी अपलोड किया जाएगा। इससे यह फायदा होगा कि यदि कोई जानना चाहे कि कौन से डिपार्टमेंट में किस छात्र के सबसे अधिक नंबर हैं, तो यह महज एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। अभी तक यह जानना बहुत मुश्किल है। इसके लिए पूरा रिकार्ड खंगालना पड़ता है।
वैरीफिकेशन भी होगी आसान
पोर्टल में वैरीफिकेशन को लेकर नया सिस्टम शुरू किया गया है। उदाहरण के तौर पर यदि यूनिवर्सिटी के किसी छात्र की कंपनी में नौकरी लग जाती है और कंपनी को उसकी डिग्री की वैरीफिकेशन करानी है तो इसके लिए पूरा रिकार्ड खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संबंधित कंपनी को यूनिवर्सिटी से लॉगिन लेना होगा, जिसके बाद वह कंपनी के अधिकारी मात्र एक क्लिक पर अपने कर्मचारी की वैरीफिकेशन कर सकेंगे।
आधार से लिंक होगा छात्र का रिकॉर्ड
नए पोर्टल को डिजिटल इंडिया मिशन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। छात्रों का पूरा डाटा आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। इससे छात्रों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी को भी फायदा होगा।
कंप्यूटर सेंटर ने मार्कशीट के सिक्योरिटी फीचर को भी ध्यान में रखा है। इसके लिए मार्कशीट में बार कोड डाला जाएगा। आनलाइन रिजल्ट देखने के बाद छात्र एक बार उसका प्रिंट निकालने के बाद यदि उसकी फोटो फॉपी करता है तो तुरंत उसका पता चल जाएगा कि इसकी कापी की गई है। इसके अलावा कई अन्य सिक्योरिटी फीचर भी डाले गए हैं।
छात्र और यूनिवर्सिटी के हितों को देखते हुए नया पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जो काफी हद तक तैयार हो चुका है। इससे कई लाख छात्रों को फायदा होगा। इसमें कई ऐसे फीचर भी डाले गए हैं जो अभी तक किसी भी शैक्षणिक संस्थान के पोर्टल में नहीं हैं। कंप्यूटर सेंटर के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।
- डॉ. जीपी सरोहा, डायरेक्टर कंप्यूटर सेंटर एमडीयू