मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) की एमबीबीएस की 100 सीटें अगले पांच साल के लिए मंजूर कर दी हैं। इससे पहले सिर्फ एक साल के लिए मंजूरी मिलती थी। हर साल एमसीआई कॉलेज का निरीक्षण के बाद ही 100 सीटों की मंजूरी मिलती थी।
मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डा. बीएस चवन ने बताया कि डाक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों और उनके पैरेंट्स के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि एडमिशन शुरू होने से पहले असमंजस की स्थिति बनी रहती थी कि सीटें 50 होंगी या 100, मगर कॉलेज के प्रोफेसर और स्टाफ के निरंतर प्रयास यह संभव हो पाया है।
उन्होंने बताया कि साल 2013 में एमबीबीएस की सौ सीटों के पहले बैच ने एडमिशन लिया था। दिसंबर 2017 में इस बैच की जब परीक्षा चल रही थी तब एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया। एमसीआई ने छात्रों की परफार्मेंस और माहौल की जांच की। दोबारा, जनवरी में निरीक्षण हुआ।
उस दौरान टीचिंग, क्लास रूम, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, फैकल्टी मेंबर, लैब की जांच की जो सब कुछ उनके पैमाने के मुताबिक ठीक निकला। दोनों निरीक्षण के बाद एमसीआई ने एमबीबीएस की 100 सीटें पांच साल के लिए मंजूर कर दी हैं।
एमबीबीएस की 150 सीटों करने के चल रहे हैं प्रयास
डायेरक्टर प्रिंसिपल प्रोफेसर डा. बीएस चवन ने बताया कि एमबीबीएस की 100 सीटें पूरी होने के बाद अब 150 सीटें करने का प्रयास चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। एमसीआई की ओर से इस पर गहन विचार चल रहा है। प्रो. चवन ने बताया कि एमसीआई की ओर से सकारात्मक संदेश आए हैं। पूरी उम्मीद है कि जीएमसीएच 32 को 150 सीटें मंजूर हो जाएंगी, जो डाक्टरी की पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी जीत होगी।