नए शैक्षिक सत्र से ही यह नियम लागू होंगे। सूत्रों का कहना है कि मैनेजमेंट के कोर्सेज में फीस अधिक होती है। ऐसे में किसी विद्यार्थी को एनआरआई सीट पर दाखिला लेना हुआ तो उसकी फीस सामान्य विद्यार्थियों के बराबर ही लगेगी ताकि अन्य विद्यार्थी दाखिला आसानी से ले सकें और सीटें भी खाली न रहें।
विभाग अध्यक्ष बताएंगे सीटें भरने के तरीके
पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने सभी विभाग अध्यक्षों को आदेश दिया है कि वह यह बताएं कि अपने अपने विभागों की खाली रहने वाली सीटों को कैसे भरेंगे। विभागों के आने वाले आइडिया पर कमेटी बैठक करेगी। बेहतर आइडिया आने पर उसी को पीयू के विभागों में लागू कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि हर विभाग में दो से तीन सीटें पिछले शैक्षिक सत्रों में खाली रही हैं। इससे भी पीयू को नुकसान हुआ है। पहले ही पीयू फाइनेंसियल क्रंच से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में पीयू इस रकम को अपने खजाने में लाने की कोशिश में है।
पारदर्शिता से होंगे दाखिले
स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए पीयू ने तैयारी शुरू कर दी है। कई कोर्सेज में आवेदन मांग लिए गए हैं। सभी की प्रवेश परीक्षाएं होंगी। इसमें पूरी पारदर्शिता बरते जाने की दावे किए जा रहे हैं। पीयू प्रशासन का कहना है कि निष्पक्षता से दाखिले होंगे। मालूम हो कि पीयू में लगभग 16 हजार सीटें हैं।