पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाने करने वाले सैकड़ों छात्रों का सपना चकनाचूर हो रहा है। पीयू ने कक्षा 12 में लीगल स्टडीज पढ़े विद्यार्थियों को दो फीसदी अंकों का लाभ दे दिया जबकि इसकी जानकारी प्रॉस्पेक्ट्स में दी ही नहीं गई। प्रारंभिक मेरिट लिस्ट जारी हुई तो इस खेल का खुलासा हुआ। छात्रों में इसे लेकर आक्रोश है।
उन्होंने यूआईएलएस के अलावा वाइस चांसलर के पास बड़ी संख्या में आपत्तियां दायर की हैं। पीयू के यूआईएलएस विभाग से पांच वर्षीय कानून (लॉ) की पढ़ाई करवाई जाती है। इस कोर्स में दाखिले के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं। इस बार भी छात्रों ने आवेदन किए थे। इसी तरह तीन वर्षीय कानून (लॉ) की पढ़ाई भी पीयू करवाती है। इसके लिए भी आवेदन मांगे गए थे।
दोनों के आवेदन आने के बाद मेरिट जारी कर दी गई। सोमवार शाम मेरिट जारी हुई तो विद्यार्थियों ने अपने-अपने लॉगिन, पासवर्ड से मेरिट चेक की। जांच करने के बाद विद्यार्थी खुद हैरत में पड़ गए। उन्होंने देखा कि कक्षा 12 में लीगल स्टडीज विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दो फीसदी अंकों का लाभ दे दिया गया। इस कारण सैकड़ों विद्यार्थियों की मेरिट प्रभावित हो गई।