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CBSE स्टूडेंट्स अब पढ़ेंगे एनसीईआरटी की किताबें, केंद्रीय मंत्रालय का सख्त फरमान

Fri, 17 Feb 2017 05:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्कूल स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
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सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2017-18 से एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की पुस्तकें ही पढ़ानी होंगी।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाने में आनाकानी करने का कड़ा संज्ञान लिया है। इसी माह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई से संचालित स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों के इस्तेमाल को लेकर समीक्षा बैठक ली थी।

इसमें पुस्तकों की डिमांड लेने के बाद आपूर्ति और स्कूलों के आनाकानी करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में निर्देश दिए गए कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 से सीबीएसई से संचालित सभी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएं।
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बैठक के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के संयुक्त सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के क्षेत्रीय कार्यालयों को इसे सुनिश्चित करने के लिए सर्कुलर भेज दिया है। इसमें 22 फरवरी तक हर राज्य के स्कूलों के लिहाज से कक्षा व टाइटल अनुसार डिमांड भी मांगी गई है।

हरियाणा स्कूल निदेशालय को मिल चुका है पत्र

स्कूल स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
हरियाणा के पंचकूला स्थित क्षेत्रीय निदेशालय को भी इस संबंध में पत्र मिल चुका है। हरियाणा में सीबीएसई से संबद्धता वाले स्कूलों की संख्या करीब दो हजार है। अब इन्हें भी नए सत्र से हर कक्षा में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ानी होंगी।

सीबीएसई की ओर से पुस्तकों की आपूर्ति पैनल में शामिल वेंडर्स के जरिए स्कूलों को सत्र शुरू होने से पहले कर दी जाएगी। हरियाणा के सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू कराने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के समन्वयक भारत भूषण बंसल लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे।

उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया हुआ है। चूंकि सीबीएसई से संबद्घ स्कूल एनसीईआरटी की बजाए निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को अधिक तरजीह देते हैं। बच्चों के अभिभावकों को इन्हें खरीदने के लिए विवश किया जाता है।

मार्केट में किताबें काफी महंगी मिलने पर आर्थिक बोझ पड़ने के साथ ही किताबों की संख्या भी ज्यादा होती है। इससे बच्चा बस्ते के बोझ तले भी दबकर रह जाता है। वर्ष 2015 में प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता वाली समिति भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बोझ रहित शिक्षा का सुझाव दे चुकी है। 
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने भी जारी किए निर्देश

स्कूल स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के सभी सरकारी और 70 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में अप्रैल 2017 से 12वीं कक्षा तक सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें ही सिलेबस में शामिल की जाएंगी। प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबों से अब अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के एक लाख स्टूडेंट्स के लिए एनसीईआरटी किताबों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

जानकारी अनुसार मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलेपमेंट (एमएचआरडी) केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर की अध्यक्षता में हाल ही में हुई मीटिंग में सभी सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें सिलेबस में शामिल करने का फैसला लिया है। मीटिंग के बाद सीबीएसई ने भी इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। यूटी के 95 फीसदी स्कूल सीबीएसई एफिलिएटेड हैं।

यूटी शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार के निर्देश पर चंडीगढ के सरकारी स्कूलों में  नर्सरी से आठवीं क्लास के  1 लाख स्टूडेंट्स के लिए एनसीईआरटी किताबें खरीदने का आर्डर दे दिया है। सूत्रों के अनुसार विभाग की ओर से इस संबंध में दो करोड़ की राशि भी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक शिक्षा विभाग को किताबें मिलने की उम्मीद है। यह सभी किताबें सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को निशुल्क दी जाएंगी। 
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