पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईटीटी शिक्षकों के प्रमोशन के लिए 3 जनवरी को जारी वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए इन प्रमोशन पर रोक लगा दी है।
इसके साथ पंजाब सरकार सहित शिक्षा विभाग को 31 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। विकास शर्मा व 172 अन्य शिक्षकों ने एडवोकेट केएस डडवाल के जरिये याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2006 में कुछ स्कूलों को एजुकेशन विभाग से जिला परिषद में भेज दिया था।
इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें तय की गईं, जो एजुकेशन विभाग के समान थी। यह सभी याचिकाकर्ता जिला परिषद के के तहत चल रहे स्कूलों में नियुक्त हुए थे।
इसी लिहाज से इनका कैडर भी अलग रखा गया। वर्ष 2014 में पंजाब सरकार ने दोबारा जिला परिषद के स्कूलों को एजुकेशन विभाग में शामिल करने का निर्णय ले लिया।
सरकार के इसी फैसले के चलते जिला परिषद के स्कूलों के शिक्षक एक बार फिर शिक्षा विभाग के अधीन आ गए। इन शिक्षकों की समस्या तब शुरू हुई जब इनकी प्रमोशन का समय आया। इनके बाद नियुक्त शिक्षकों को तो प्रमोशन दे दी गई, लेकिन इन शिक्षकों को प्रमोशन नहीं दी गई।