हरियाणा सरकार ने रेशनलाइजेशन कर जेबीटी, पीआरटी और मुख्य शिक्षकों के पदों का स्कूलों की संख्या अनुसार वितरण कर दिया है। रेशनलाइजेशन में शिक्षक-छात्र अनुपात 1:25 रखा गया है। नियमों में ढील देकर मुख्य शिक्षक डेढ़ सौ से कम छात्रों पर भी एक कर दिया गया है। अभी तक डेढ़ सौ छात्रों से ऊपर ही मुख्य शिक्षक का प्रावधान प्राइमरी स्कूलों में था।
अब 126 से 150 छात्रों वाले प्राइमरी स्कूल में भी मुख्य शिक्षक होगा। प्रदेश में कुल 8686 प्राइमरी स्कूल हैं, रेशनलाइजेशन अनुसार इनमें 2234 मुख्य शिक्षक और 39761 शिक्षक चाहिए। शिक्षक-छात्र अनुपात के तहत सभी प्राइमरी स्कूलों में कुल 41995 शिक्षकों की जरूरत है। सितंबर 2018 तक एमआईएस पोर्टल पर छात्र पंजीकरण अनुसार पदों का पुन वितरण स्कूलों में किया गया है।
रेशनलाइजेशन को स्कूलों में व्यवहारिक तौर पर लागू करने के निर्देश निदेशक मौलिक शिक्षा ने सभी डीईईओ को जारी कर दिए हैं। स्कूलों में सबसे पहले जूनियर गेस्ट टीचर को सरप्लस घोषित किया जाएगा।
शिक्षकों को सरप्लस करने के ये रहेंगे नियम
. स्कूल में सबसे पहले सरप्लस जूनियर गेस्ट टीचर किए जाएंगे। अगर गेस्ट टीचर 70 प्रतिशत दिव्यांग है तो उसे सरप्लस नहीं किया जाएगा।
. अगर जिले में सभी शिक्षक सरप्लस हैं तो सभी को सरप्लस घोषित करते हुए गेस्ट टीचर समायोजन नीति अनुसार अन्य जिलों में भेजना होगा।
. यदि किसी स्कूल में गेस्ट जेबीटी कार्यरत नहीं है तो ऐसी स्थिति में उस नियमित जेबीटी को सरप्लस घोषित किया जाएगा, जिसका ठहराव स्कूल में सबसे अधिक है।
. किसी भी मुख्य शिक्षक को सरप्लस घोषित नहीं कर सकेंगे।
. अगर वरिष्ठ जेबीटी के स्थान पर कोई अन्य जेबीटी सरप्लस होना चाहता है तो दोनों की लिखित सहमति के बाद दूसरे जेबीटी को सरप्लस घोषित किया जाएगा।
. किसी भी विधवा, 70 प्रतिशत दिव्यांग, परित्यक्ता, तलाकशुदा, गंभीर बीमारी से पीड़ित और एक साल के भीतर रिटायर होने वाले शिक्षकों को भी सरप्लस घोषित नहीं कर सकते हैं। यदि किसी स्कूल में सभी शिक्षक ऐसी ही श्रेणी के हैं तो फिर उस स्थिति में सबसे अधिक ठहराव वाले शिक्षक को सरप्लस कर सकते हैं।
ऐसे होगा शिक्षकों व मुख्य शिक्षकों का वितरण
छात्र संख्या जेबीटी मुख्य शिक्षक
1-50 2 ----
51-75 3 ----
76-100 4 ----
101-125 5 -----
126-150 6 1
151-175 7 1
176-200 8 1