पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट चुनाव में एक बार फिर गोयल बंधुओं का दबदबा रहा। चुनाव में गोयल ग्रुप ने 11 सीटें जीतीं जबकि सुभाष शर्मा ग्रुप के हाथ चार सीटें लगीं। इस बार सुभाष शर्मा ग्रुप ने गोयल ग्रुप में सेंध लगाने में कामयाब रहा और 15 में से चार सीटें अपने कब्जे में कर लीं। उम्मीद अधिक थी लेकिन इनके वोटर सभी नहीं पहुंचे।
गोयल ग्रुप के पास पुख्ता रणनीति थी और उसी पर काम किया। उन्होंने 10 से 11 सीटें हासिल करने का आंकड़ा लगाया था, जो फिट बैठा। सुबह नौ बजे सिंडिकेट के चुनाव सीनेट हॉल में हुए। सबसे पहले आर्ट्स फैकल्टी के चुनाव हुए। सुभाष शर्मा ग्रुप से राजिंदर भंडारी, डॉ. आरएस झांजी, डॉ. सरबजीत कौर ने जीत हासिल की।
यहां से गोयल ग्रुप ने एक ही मेंबर प्रो. रोनकी राम को मैदान में उतारा था, जो जीत नहीं पाए। इस फैकल्टी में गोयल ग्रुप के पास वोटों की संख्या काफी कम रही। साइंस फैकल्टी के लिए चुनाव नहीं हुआ। डॉ. नवदीप गोयल, जरनैल सिंह सैनी, डॉ. सुरिंदर कौर निर्विरोध चुनी गईं। कंबाइंड फैकल्टी से सुभाष ग्रुप से डॉ. सतीश शर्मा को जीत मिली।
वहीं दो सीटों पर गोयल ग्रुप से डॉ. इकबाल संधू और डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर जीते। लैंग्वेज में गोयल ग्रुप से अशोक गोयल व प्रो. केशव मल्होत्रा विजयी रहे। लॉ में अनु चतरथ व डीपीएस रंधावा निर्विरोध चुने गए। मेडिकल फैकल्टी में गोयल ग्रुप से रविंद्र नाथ शर्मा व हरप्रीत दुआ ने जीत दर्ज की।
जीत के लिए सभी को बधाई और सबका आभार, जो जीत दिलाई। हर बार की तरह पीयू को ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए कार्य किए जाएंगे। शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
- डॉ. नवदीप गोयल
सिंडिकेट में कोर वोटर्स का साथ मिला और चार सीट से विजयी हुए। मेडिकल की दो सीटें दोबारा चुनाव होने के कारण हाथ से निकलीं, क्योंकि उस समय तक हमारे कई वोटर शहर से बाहर जा चुके थे। हमारा उद्देश्य पीयू को आगे ले जाना है।
- सुभाष शर्मा