अब गुरु जी विद्यार्थियों से स्कूलों के बाहर किसी भी तरह का काम नहीं करा सकेंगे। रैली निकालने जैसे काम भी नहीं करा सकेंगे, कड़ा फरमान जारी किया गया है। स्कूलों से बाहर विद्यार्थियों से कोई भी काम करवाने के लिए संबंधित स्कूल मुखिया को शिक्षा विभा से अनुमति लेनी पड़ेगी। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व स्कूल मुखियाओं को सेकेंडरी शिक्षा महानिदेशक ने पत्र जारी कर निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशानुसार, अब ऐसे हर प्रकार के कार्य के लिए स्कूल मुखिया को विभाग से अनुमति लेनी होगी। इनके उल्लंघन पर संबंधित शिक्षक, स्कूल मुखिया व अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जारी निर्देशों में कहा गया है कि अकसर स्कूलों से बाहर ले जाकर बच्चों से कार्य कराए जाते हैं। यह बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसलिए अगर यह जरूरी होगा तो इसके लिए स्कूल मुखिया को विभाग से अनुमति लेनी होगी।
जागरूकता रैलियां भी नहीं निकाल सकेंगे स्कूल मुखिया
इससे पहले अकसर स्कूल मुखिया आसपास के गांव में सामाजिक बुराइयों के विरोध में बच्चों की जागरूकता रैलियां निकलते रहते थे। वहीं किसी न किसी प्रकार के कैंप में भी बच्चे श्रमदान करते रहे हैं। लेकिन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों पर भी अब पाबंदी होगी। यह अलग बात है कि किसी खास दिवस व आयोजन पर विभाग से विशेष निर्देश दिए जाते रहे हैं।
स्कूल मुखियाओं के अधिकारों पर चलाई जा रही कैंची
शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी निर्देश कई स्कूल मुखियाओं को रास नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह उनके अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है। स्कूल मुखिया गांव में आयोजित किसी सामाजिक कार्यों में सहभागिता के लिए बच्चों को शामिल कर लेते थे। वहीं लोगों में जागरूकता लाने के लिए रैलियां जैसे कार्यक्रम भी गांवों में चलाते रहते थे। लेकिन अब इस प्रकार के कार्यों के लिए भी विभाग की अनुमति का इंतजार करना पड़ेगा।
पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा भी विभाग की प्राथमिकता : डीईओ
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी विभाग की प्राथमिकता रही है। इसी के चलते ये आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन, विशेष आयोजन को लेकर विभाग की ओर से रैलियां व अन्य कार्यक्रमों को लेकर समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहते हैं। निर्देशों की अवहेलना पर संबंधित शिक्षक व स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण आश्री, डीईओ, कुरुक्षेत्र