चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को जुलाई से एक घंटे अधिक पढ़ाना होगा। शिक्षा विभाग इस नियम को लागू करने की तैयारी कर चुका है। दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट खराब होने बाद शिक्षा सचिव की ओर से इस पर फैसला लिया जा सकता है। शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षकों को स्कूल में सात घंटे पढ़ाने का नियम है। लेकिन शिक्षक अभी केवल छह घंटे स्कूलों में पढ़ाने की ड्यूटी कर रहे हैं।
इस बार दसवीं का रिजल्ट 70 फीसदी और बारहवीं का रिजल्ट 73 फीसदी रहा है। चंडीगढ़ शिक्षा सचिव बीएल शर्मा ने बताया कि जुलाई से स्कूलों में सात घंटे टीचर्स को पढ़ाना होगा। वह एक घंटे कमजोर बच्चों को पढ़ाएंगे। सही तरीके से बच्चे को क्या नहीं समझ आया। इसका भी टीचर्स चार्ट बनाकर होमवर्क करेंगे। उन्हें अब दोपहर दो बजे के बजाय तीन बजे छुट्टी दी जाएगी।
इसे हम जुलाई से लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में सुबह आठ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक क्लास चलते हैं। अब इसे बढ़ाकर तीन बजे तक किया जाएगा। जिससे कि स्टूडेंट्स की पढ़ाई सही तरीके से हो सके। उनका रिजल्ट बेहतर हो सके और वह कंपटीशन एग्जाम भी दे सकें।
गौर है कि इस बार दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट खराब होने के बाद सरकारी स्कूलों के 109 प्रिंसिपलों को शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस भेजकर यह पूछा है कि रिजल्ट खराब होने का मुख्य कारण क्या है। अगर कोई इसका सही जवाब नहीं देगा तो उस प्रिंसिपल की एसीआर में यह रिजल्ट लिखा जाएगा। इससे उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगी।