पंजाब यूनिवर्सिटी में डीएसडब्ल्यू प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे को लेकर एसएफएस, आइसा, एनएसयूआई आदि संगठनों ने प्रोटेस्ट किया। छात्रों ने दो टूक कहा, जब तक नियमों के तहत नए डीएसडब्ल्यू की तैनाती नहीं की जाती, तब तक ज्वाइनिंग नहीं करने देंगे। दोपहर बाद छात्रों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। उसके बाद शाम को भी छात्रों ने प्रोटेस्ट किया। बता दें एनएसयूआई, एसएफएस, आइसा आदि संगठनों के पदाधिकारी कई दिन से प्रोटेस्ट कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि डीएसडब्ल्यू की जो तैनाती की गई है वह गलत है। पुराने डीएसडब्ल्यू को ही चार्ज दिया जाए। आरोप है कि पीयू प्रशासन एक संगठन को चुनाव जिताने के लिए यह सब कर रहा है। सोमवार को इन संगठनों के पदाधिकारी स्टूडेंट सेंटर पर एकत्रित हुए और उसके बाद सेंटर के गेट पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि नए डीएसडब्ल्यू को चार्ज नहीं लेने देंगे। छात्र घंटों बैठे रहे लेकिन डीएसडब्ल्यू नहीं पहुंचे। पता लगा कि डीएसडब्ल्यू चार्ज ले चुके हैं, उसके बाद छात्रों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर छात्रों को शांत करने पहुंचे। बातचीत काफी देर चली, आखिर में छात्रों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। उसके बाद वहां से चले गए। इसके बाद पीयू छात्र संगठन के नेताओं ने रात को बैठक कर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की।
प्रोटेस्ट करने वाले अलग अलग लड़ेंगे चुनाव
प्रोटेस्ट कर रहे छात्र संगठन पीयूसीएससी के चुनाव अलग अलग लड़ेंगे। कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि एक मुद्दे को लेकर सभी लोग प्रोटेस्ट जरूर कर रहे हैं लेकिन चुनाव के लिए रणनीति सबकी अलग होगी। बताया जाता है कि एसएफएस केवल प्रेसीडेंट पद के लिए ही चुनाव लड़ेगी। बाकी एनएसयूआई अपने प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाएगी।