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पीयू के स्टूडेंट ऐसे बच्चों को पढ़ाने जाएंगे, जिन्हें जरूरत है

Wed, 07 Feb 2018 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Girl Child - फोटो : File Photo
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सिटी ब्यूटीफुल में कई जगह ऐसे बच्चे देखे जा सकते हैं, जो स्कूल नहीं जाते। अगर जाते भी हैं तो कई स्कूलों में ऐसा माहौल नहीं है कि बच्चों की पढ़ाई सही ढंग से हो सके। ऐसे बच्चे चंडीगढ़ के पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा से महरूम हो रहे हैं। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट्स ने ‘स्टैप अप एंड लीड’ कार्यक्रम तैयार कर ऐसे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा उठाया है, जिन्हें वाकई में पढ़ाई की जरूरत है और इसका महत्व जानते हैं।
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पंजाब यूनिवर्सिटी के बायो केमिस्ट्री विभाग में ‘स्टैप अप एंड लीड’ कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें पीयू के पूर्व छात्रों के एक ग्रुप ‘छोटी सी आशा’ की भी मदद ली जाएगी। पीयू के मौजूदा और पूर्व स्टूडेंट मिलकर चंडीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में जाएंगे और वहां बच्चों की पढ़ाई में मदद करेंगे। इस योजना को लेकर मंगलवार को बायो केमिस्ट्री विभाग में एक बैठक भी हुई और पूरी योजना का खाका तैयार किया गया।

बायो केमिस्ट्री विभाग की चेयरपर्सन प्रो. अर्चन भटनागर ने बताया कि यह स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा है। सामाजिक सरोकार आज के समय की अहम जरूरत है और विद्यार्थियों को भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से स्टूडेंट्स में जरूरतमंद की मदद करने की भावना तो आती ही है, साथ ही समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी एहसास होता है। पीयू के स्टूडेंट शिक्षा के लिहाज से बेहतर हैं तो ऐसे में वे समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी अच्छे से निभा सकते हैं। स्वच्छ भारत अभियान की को-आर्डिनेटर प्रो. सीमा कपूर ने बताया कि सभी को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
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दिल्ली में हुआ ऐसा तो मिशन को मिली सफलता
‘छोटी सी आशा’ एनजीओ को गुरजिंदर और जतिंदर मान चलाते हैं और दोनों ही पीयू एलुमनी हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि दिल्ली के कालेजों से कुछ स्टूडेंट्स ने ऐसा ही मिशन चलाया और स्लम में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने का काम किया। इस कदम को काफी सफलता मिली। क्योंकि वहां इस सोच से काम किया गया है कि जो खुद पढ़ रहे हैं, वे अपने से छोटे को पढ़ाने का काम भी अच्छे से कर सकते हैं। ‘छोटी सी आशा’ एनजीओ के वालंटियर्स और पीयू के बायो केमिस्ट्री विभाग के स्टूडेंट्स के बीच हुए संवाद के बाद कई स्टूडेंट्स ने ‘स्टैप अप एंड लीड’ कार्यक्रम का हिस्सा बनने में रुचि दिखाई। 
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