यूजीसी व पंजाब यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन लगाने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन संसाधन हैं या नहीं, ये किसी ने नहीं देखा। यूनिवर्सिटी की ओर से यह नहीं देखा गया कि कितने शिक्षक ऑनलाइन प्रणाली से वाकिफ हैं और कितनों के पास घर पर उसके संचालन के लिए संसाधन हैं।
दर्जनों शिक्षकों के पास घरों पर कंप्यूटर आदि न होने के कारण वह ऑनलाइन कक्षाएं लगाने में असमर्थ हैं। उन्होंने वीसी व डीयूआई से मांग की है कि उन्हें तीन से चार घंटे के लिए अपने कार्यालयों में जाने की अनुमति दी जाए ताकि वह ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकें। वह अपने को सुरक्षित भी रखेंगे।
शिक्षकों ने यह भी कहा है कि पीयू प्रशासन ऐसे शिक्षकों की लिस्ट तैयार कर ले, जिनके पास घरों पर ऑनलाइन पढ़ाने के संसाधन नहीं हैं। लिस्ट आने के बाद ऐसे शिक्षकों के पास जारी कर दे और वही शिक्षक अपने-अपने कार्यालयों में जाकर कंप्यूटर पर काम कर सकते हैं। इसके लिए शिक्षकों को तीन से चार घंटे की जरूरत है।
इतना ही समय उनके लिए फिक्स कर दिया जाए। इससे शिक्षकों की दिक्कतें भी दूर हो जाएंगी और स्टूडेंट्स की कक्षाएं भी ऑनलाइन शुरू हो जाएंगी। उन्होंने यह कहा है कि बाहर से शिक्षक यहां नहीं आएंगे। यह अनुमति केवल उन्हीं शिक्षकों को दी जाए जो कैंपस में हैं।