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चंडीगढ़ में प्राइवेट स्कूल की मनमानी, फीस जमा नहीं करने पर बच्चे को ऑनलाइन क्लास से निकाला

Fri, 01 May 2020 01:00 PM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में लॉकडाउन के दौरान घर बैठे पढ़ाने को लेकर जारी निर्देशों को दरकिनार करते हुए प्राइवेट स्कूल मनमानी कर रहे हैं। इनकी शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब एक महिला ने वीरवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करके आरोप लगाया है कि फीस जमा नहीं करवाने पर स्कूल प्रशासन ने उनके बच्चे को ऑनलाइन क्लास के ग्रुप से बाहर कर दिया है। ममता डोगरा ने वीडियो में बताया कि उनका बच्चा आंचल इंटरनेशनल स्कूल-41 में पढ़ता है। बच्चे की फीस जमा नहीं करवाने पर स्कूल प्रशासन ने उसे ऑनलाइन क्लास के ग्रुप से निकाल दिया है।
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इसका कारण पूछने पर स्कूल ने फीस जमा नहीं करवाने को बताया है। यह बच्चे के साथ भेदभाव है। ममता ने बताया प्रशासन ने आदेश दिए हैं कि लॉकडाउन खत्म होने के एक महीने बाद तक परिजन फीस जमा करवा सकते हैं। स्कूल प्रशासन के आदेशों को अनदेखा कर रहे हैं। ममता ने बताया हर साल अप्रैल में दाखिले होते हैं, लेकिन इस बार स्कूलों ने हर विषय के 5 पाठ ऑनलाइन ही पूरे करवा दिए हैं। बच्चे के लिए यह मेंटल टॉर्चर है, क्योंकि ना हमारे पास किताबें है ना ही स्टडी मैटेरियल। वहीं बच्चे कोविद-19 के चलते बाहर खेलने भी नहीं जा सकते।

स्कूलों की तरफ से की जा रही इस मनमानी के मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
- मनोज परिदा, सलाहकार

हमने वीडियो को लेकर स्कूल प्रशासन से बात की। स्कूल का कहना है कि वह टेक्निकल खराबी की वजह से हो गया था। मामला सुलझा लिया गया है।
- - रुबिन्दरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक
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एक दिन में आई 27 शिकायतें

एनसीईआरटी की किताबों से न पढ़ाने पर 27 प्राइवेट स्कूलों की पेरेंट्स ने शिकायत की है। पेरेंट्स ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन बच्चों को एनसीईआरटी बुक्स से नहीं पढ़ा रहा है। बता दें अभी तक एक साथ इतने स्कूलों की शिकायत पहले कभी नहीं आई थी। इससे पहले पिछले तीन दिनों में शिक्षा विभाग के पास 25 प्राइवेट स्कूलों की ओर से फीस मांगे जाने की शिकायत भी जा चुकी है। सीबीएसई द्वारा 12 अप्रैल, 2016 और 19 अप्रैल 2017 को एक सकुर्लर जारी किया गया था।

इस सकुर्लर के अनुसार सभी स्कूलों में (जो सीबीएसई से मान्यता प्राप्त) एनसीईआरटी पुस्तकों से पढ़ाना अनिवार्य किया गया था। लेकिन पेरेंट्स द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि उनके बच्चों को नॉन एनसीईआरटी बुक्स से पढ़ाया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद 13 सितंबर 2018 को जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस से जारी पत्र में इस बात का साफ उल्लेख किया गया था कि स्कूलों को एनसीईआरटी बुक्स से पढ़ाना अनिवार्य है। इनमें वह स्कूल शामिल थे जो सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है।

हमने सभी प्राइवेट स्कूलों को कोर्ट की कापी लगाकर एनसीईआरटी बुक्स से पढ़ने का निर्देश दिया हुआ है। उन्होंने सख्ती के साथ कहा गया था कि सभी प्राइवेट स्कूल एनसीईआरटी बुक्स का प्रयोग करें। हमारे पास पेरेंट्स की शिकायत आई हुई हैं। इन सभी स्कूलों की लिस्ट बनाई जा रही है, अगर कोई स्कूल नियमों को नहीं मान रहा है तो, स्कूलों के खुलने के बाद इन स्कूलों
के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
- अल्का मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी
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