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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर एडवाइजर को ट्वीट, मेयर ने जवाब में कहा- मुझे बताएं शिकायत

Wed, 22 Apr 2020 11:55 AM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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यूटी प्रशासन के सख्त आदेश के बावजूद प्राइवेट स्कूल प्रशासन मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। नियमित अंतराल के बाद प्राइवेट स्कूल प्रशासन पेरेंट्स को फीस जमा करवाने का मैसेज भेज रहे हैं। इसको लेकर चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने सलाहकार मनोज परिदा को शिकायत के साथ ट्वीट किया।
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इस पर शहर के लोगों ने भी प्राइवेट स्कूलों की तरफ से की जा रही मनमानी को ट्वीट के माध्यम से बताया। इसमें वर्धान गुप्ता ने मनोज परिदा, प्रशासक और मेयर को टैग कर कहा कि अगर प्रशासन चाहे तो वो स्कूलों की तरफ से परिजनों को भेजे गए संदेश उन्हें भेज देंगे। इस पर मेयर राजबाला मलिक ने जवाब दिया कि उन्हें परिजन स्कूलों की तरफ से भेजे गए संदेश दिखाएं और अपनी परेशानियां बताएं।

सीपीए अध्यक्ष ने किया सलाहकार को ट्वीट
स्कूलों के इस फरमान के खिलाफ चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन (सीपीए) के अध्यक्ष नीतिन गोयल ने मोर्चा खोल दिया है। नीतिन ने सलाहकार मनोज परिदा को ट्वीट किया है। उन्होंने बताया प्राइवेट स्कूल मनमानी करने से नहीं हट रहे हैं।
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ऐसे बार बार फीस के सन्देश भेजकर परिजनों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी केवल बयान देकर खानापूर्ति कर देते है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से प्राइवेट नौकरीपेशा और बिजनेसमैन को नुकसान हो रहा है।

शिकायत के बावजूद नहीं उठाए जा रहे ठोस कदम

एक महीने में परिजनों की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन को तीन बार फीस जमा करवाने को लेकर भेजे जा रहे संदेश पर शिकायत हो चुकी है। शिकायतों के बावजूद शिक्षा विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि मंगलवार को उन्हें परिजनों की तरफ से फिर शिकायत मिली।

शहर के विवेक हाई स्कूल और सेंट स्टीफेन स्कूल ईमेल और मैसेज के जरिए परिजनों को फीस जमा करवाने के लिए बोल रहे हैं। इसमें परिजनों को लालच भी दिया गया है कि अगर वह 30 अप्रैल से पहले फीस जमा करवाते है तो उन्हें पांच प्रतिशत का डिस्काउंट दिया जाएगा। इस मामले में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने साफ कहा था कि जब तक लॉकडाउन नहीं खुलता तब कोई भी स्कूल प्रशासन परिजनों से फीस की मांग नहीं करेगा।

लॉकडाउन खुलने के एक माह बाद तक परिजनों को फीस जमा करवाने के लिए छूट दी जाती है। उसके बावजूद प्राइवेट स्कूल प्रशासन प्रशासक के आदेशों की अवहेलना करते हुए परिजनों फीस देने का दवाब बना रहे हैं। पहले शिकायत होने पर प्राइवेट स्कूल प्रशासन ने ऑटोमेटिक मैसेज सेंड होने की बात कही थी। लेकिन उसके बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन ने आदेश दिया था कि सभी स्कूल प्रशासन अपनी वेबसाइट को ठीक करें।
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क्या कहते हैं स्कूल

परिजनों को नहीं भेजे गए कोई संदेश
विवेक हाई स्कूल की प्रिंसिपल रेनू पूरी न बताया कि एक अप्रैल को परिजनों को फीस की जानकारी दी गई थी। इसके बाद स्कूल की तरफ से परिजनों को कोई संदेश नहीं गया। परिजन लॉकडाउन के बाद अपनी फीस जमा करवा सकते हैं। वहीं, सेंट स्टीफेन के प्रिंसिपल लुइस लोपेज ने बताया कि उन्होंने फीस के लिए स्कूल वेबसाइट पर लिंक डाला है। परिजनों की मर्जी है अगर वो ऑनलाइन फीस जमा करवाना चाहते हैं। स्कूल की तरफ से उन्हें कोई संदेश नहीं भेजा गया। हम परिजनों की तकलीफ समझते हैं, स्कूल की तरफ से लेट फीस के लिए कोई फाइन भी नहीं लगाया जाएगा।

हमें कई परिजनों की तरफ से शिकायतें मिल रही है। हम सभी शिकायतों को एकत्रित कर रहे हैं। उसके बाद उन्हें उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। जब हमने ऑर्डर दिए थे तो लगा था कि 15 या 20 दिनों बाद लॉकडाउन खुल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा कर इस मामले का हल निकाला जाएगा।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक
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