चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री क्लास में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत चल रहा बच्चों का दाखिला प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गया है। परिजनों ने कुछ स्कूलों पर दाखिला प्रकिया में अपनी मनमानी कर परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आने के बावजूद रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जा रही है। साथ ही स्कूल रजिस्ट्रेशन फीस की स्लिप भी परिजनों को मुहैया नहीं करवा रहे हैं। उधर, शिक्षा विभाग का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आने पर परिजनों को स्कूलों में कोई भी फीस नहीं देनी है।
अगर कोई स्कूल मनमानी कर रहा तो शिकायत करें, सख्त कार्रवाई करेंगे। ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले के लिए फार्म जमा करवाने की आखिरी तारीख 31 जनवरी तय की गई है। मनीमाजरा निवासी मोहम्मद नौशीद ने बताया कि वे ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के तहत आते हैं। उन्होंने अपने बच्चे का नर्सरी में दाखिला करवाना है। उन्होंने कहा कि डीसी मॉन्टेसरी स्कूल और गुरु गोबिंद सिंह खालसा स्कूल में दाखिला फार्म जमा करवाने के समय स्कूल ने उनसे 100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस वसूली। इसके साथ खालसा स्कूल ने रजिस्ट्रेशन फीस की स्लिप भी नहीं दी।
वहीं मनीमाजरा निवासी एक अन्य परिजन ने बताया कि उनसे भी डीसी मॉन्टेसरी स्कूल ने दाखिला फार्म जमा करवाने के समय रजिस्ट्रेशन फीस ली। इसके साथ उन्होंने विरोध जताया कि सभी स्कूलों का दाखिले के लिए एरिया का क्राइटेरिया भी अलग अलग है। किसी स्कूल का कहना है कि वे 2 किलोमीटर, कोई 3 तो कोई 3 किमी के अंतर्गत आने वाले एरिया के बच्चों को दाखिला दे रहे हैं। उन्होंने कहा, सभी स्कूलों के लिए नियम एक समान होने चाहिए जिससे परिजनों को परेशानी न हो।
इससे पहले भी एंट्री क्लास में दाखिले के लिए ईडब्ल्यूएस तबके के बच्चों के परिजनों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगने पर शिक्षा विभाग ने छह प्राइवेट स्कूलों से जवाब तलब किया था।