मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से देश के प्रख्यात संस्थानों की सूची की घोषणा अब चुनाव के बाद होगी, फिर पंजाब विश्वविद्यालय को 1000 करोड़ रुपये मिल पाएंगे। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में पीयू को प्रख्यात संस्थानों की सूची में शामिल किया था। इसके बाद सरकार हर साल 1000 करोड़ रुपए विभिन्न विकास कार्यों के लिए पीयू को देगी। यह रकम 10 साल तक जारी की जानी थी। इन दिनों पीयू में फाइनेंशियल क्रंच चल रहा है। हर साल 60 से 70 करोड़ की आवश्यकता है। इस क्रंच को दूर करने के लिए अब नई सरकार बनने तक इंतजार करना पड़ेगा।
ये है योजना
केंद्र सरकार ने योजना बनाई है कि देश के 20 शिक्षण संस्थानों को यूजीसी के दायरे से बाहर करके उनका विकास किया जाए। इसके लिए वर्ष 2017 में सभी शिक्षण संस्थानों से आवेदन मांगे गए। 15 साल तक की योजनाएं शिक्षण संस्थानों को देनी थी। पीयू ने भी 300 पेज का प्लान तैयार किया और कमेटी को भेजा। इस प्रस्ताव के बाद संबंधित संस्थानों के आईक्यूएसी हेड समेत दो प्रोफेसरों के साक्षात्कार लिए गए, जो संस्थान की पूरी प्लानिंग पर था। इसमें पीयू से भी आईक्यूएसी निदेशक व शिक्षक पहुंचे थे।
फरवरी में होनी थी घोषणा
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रख्यात संस्थानों की घोषणा फरवरी में की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि चुनावी सीजन के चलते निर्णय नहीं लिए गए और अब आचार संहिता लग गई। सूत्रों का कहना है कि अब जुलाई के बाद ही इन संभावनाओं पर मुहर लग सकती है।