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पंजाब यूनिवर्सिटी और होम साइंस कॉलेज में एमएससी वाइवा को लेकर चल रही रार, विद्यार्थी मायूस

Sat, 04 Jan 2020 11:54 AM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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होम साइंस कॉलेज में एमएससी ह्यूमन रिसोर्स एंड फैमिली रिलेशन के वाइवा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्टूडेंट्स को पता ही नहीं चल पा रहा है कि वह अपने वाइवा के लिए किसे शिकायत करें और कौन उनकी समस्या का हल करवाएगा। कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि वाइवा करवाना पंजाब यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी है। दो बार पीयू को विद्यार्थियों की सूची दे चुके हैं। पीयू ने एग्जामिनर प्रोवाइड करवाना है। वहीं पीयू ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। पीयू का कहना है  कॉलेज के एग्जाम में कोई रोल ही नहीं है।
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सेक्टर-10 स्थित होम साइंस कॉलेज में एमएससी ह्यूमन रिसोर्स की 10 छात्राओं का 17 मई को थ्योरी पेपर हुआ था। इसके बाद 30 मई को छात्राओं ने थिसिस जमा करवा दी थी। लेकिन अब सात महिने हो चुकेहैं, छात्राओं का वाइवा नहीं करवाया जा रहा है। इसके लिए छात्राओं ने कई बार विभाग और कॉलेज अधिकारियों से बातचीत की। हर बार कॉलेज बोल देता है कि वाइवा के लिए एग्जामिनर पंजाब यूनिवर्सिटी प्रोवाइड करवाएगी। जब विद्यार्थियों ने पीयू से बात की तो वहां से भी उन्हें निराश लौटना पड़ा। पीयू ने कहा आपका वाइवा कॉलेज ने करवाना है।

अपने कॉलेज के अधिकारियों से बातचीत कीजिए। अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर विद्यार्थी अपनी परेशानी किससे से जाकर कहें ? उनका वाइवा करवाने की जिम्मेदारी किसकी बनती है। इनमें कई विद्यार्थियों ने आगे पढ़ाई और नौकरी के लिए अप्लाई करना है। वाइवा नहीं होने की वजह से इन्हें डिग्री नहीं मिलेगी, जिसकी वजह से ये आगे कहीं भी अप्लाई नहीं कर सकते हैं। एमएससी की डिग्री दो साल की होती है, लेकिन पीयू और होम साइंस कॉलेज की लापरवाही की बदौलत एमएससी में विद्यार्थियों को दो साल सात महीने आगे ही बीत चुके हैं।
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हम दिसंबर में पंजाब यूनिवर्सिटी को दूसरी बार एमएससी के विद्यार्थियों की वाइवा के लिए सूची भेज चुके हैं। अब पीयू ने एग्जामिनर प्रोवाइड करवाना है।
- प्रो. सुधा कटयाल, प्रिंसिपल, होम साइंस कॉलेज

पंजाब यूनिवर्सिटी का होम साइंस कॉलेज के वाइवा में कोई रोल नहीं है। हमे कोई सूची नहीं भेजी गई है। वाइवा करवाने की जिम्मेदारी कॉलेज की है।
- परविंदर सिंह, एग्जामिनेशन कंट्रोलर, पीयू

 
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