फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने पॉलिश किए बूट
फीस वृद्धि के विरोध में सोमवार को एनएसयूआई के छात्र सदस्यों ने वीसी कार्यालय के बाहर बूट पॉलिश स्टाल लगाकर पीयू के कर्मचारियों व सिक्योरिटी सदस्यों के बूट पॉलिश किए। छात्रों ने 190 रुपये भी कमाए, जिसे बाद में इन छात्रों ने वीसी कार्यालय में ही जमा करवा दिया। इस दौरान छात्रों ने पीएम मोदी का मुखौटा पहनकर केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
एनएसयूआई 21 दिन से वीसी कार्यालय के बाहर एक बगीचे में सांकेतिक भूख हड़ताल कर रही है। रोजाना एनएसयूआई का एक-एक सदस्य सुबह से लेकर देर शाम तक सांकेतिक भूखहड़ताल करता है। एनएसयूआई नेता मनोज लुबाना, निखिल रामपाल और सुरजीत भारमौरी ने बताया कि छात्र पिछले 21 दिन से सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह कि एक बार भी वीसी महोदय ने छात्रों तक पहुंचकर उनसे बात करने की जहमत नहीं उठाई। इसलिए उन्हें विरोध का ये तरीका अपनाना पड़ा। छात्र नेताओं के अनुसार छात्रों द्वारा बूट पॉलिश कर 190 रुपये कमाकर वीसी कार्यालय में जमा करवाने का मकसद पीयू अथॉरिटी को ये बताना था कि जब अपनी आंतरिक कमाई को बढ़ाने के लिए पीयू कुछ नहीं कर रहा तो शायद छात्रों को ही पार्ट टाइम में इस तरह का काम कर पीयू को अपनी कमाई देनी पड़ेगी, ताकि पीयू की आर्थिक मदद हो सके।
कुछ छात्रों ने इसी दौरान मोदी का मुखौटा पहनकर भी प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के वक्त में पीयू को केंद्र सरकार से अच्छी ग्रांट मिलती थी, लेकिन पीएम मोदी के कार्यालय में पीयू को यूजीसी से ग्रांट लेने के लिए तरसना पड़ रहा है।
आपस में ही भिड़े छात्र, जमकर हाथापाई
फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने पॉलिश किए बूट
- फोटो : अमर उजाला
आपस में ही भिड़े छात्र, जमकर हाथापाई
प्रदर्शन के दौरान उस वक्त स्थिति अजीबोगरीब बन गई जब इसी संगठन के एक गुट ने बूट पॉलिश करने वाले दूसरे गुट का विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध करने वाले गुट का कहना था कि बूट पॉलिश का फीस वृद्धि विरोध से कोई लेना-देना नहीं है, ये सिर्फलाइमलाइट में आने का तरीका है, जबकि प्रदर्शन सिर्फ और सिर्फ फीस वृद्धि के खिलाफ रहे। बस, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के छात्र सदस्यों में तीखी बहस हो गई और देखते ही देखते दोनों गुट के सदस्यों में हाथापाई हो गई। बाद में अन्य छात्रों ने हस्तक्षेप कर बीच-बचाव करवाया।
रिसर्च स्कॉलर छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च
पीयू में फीसवृद्धि के खिलाफ सोमवार को पीयू के विभिन्न संकायों के रिसर्च स्कॉलर्स भी सड़काें पर उतरे। इन रिसर्च स्कॉलर्स छात्रों सोमवार शाम को स्टूडेंट सेंटर पर एक आम सभा का आयोजन किया। जिसमें विभिन्न छात्रों ने संबोधित कर फीस वृद्धि के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उसके बाद इन छात्रों ने स्टूडेंट सेंटर से कैंडल मार्च शुरू किया, जो पीयू मार्केट में जाकर संपन्न हुआ।
रिसर्च स्कॉलर्स छात्रों को संबोधित करते हुए सोशोलॉजी की रिसर्च स्कॉलर गुंजन सेतिया ने कहा कि फीसवृद्धि का ये मामला बहुत संवेदनशील बन चुका है, इसलिए सभी रिसर्च स्कॉलर्स को इस मसले पर लामबंद होना होगा, और फीसवृद्धि के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। अंग्रेजी विभाग के जयदीप ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इस मसले पर पीयू अथारिटी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हट सकती।
इतिहास विभाग के कमलप्रीत ने कहा कि फीस वृद्धि से ग्रामीण अंचलों के छात्र हॉयर एजुकेशन को तरस जाएंगे। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के संदीप ने आरोप लगाया कि फीस वृद्धि पीयू को निजीकरण की ओर ले जाने की राजनीतिक साजिश है। अंग्रेजी विभाग की अमनदीप ने भी फीस वृद्धि को सोची समझी साजिश बताते हुए कहा कि छात्रों को इस साजिश के खिलाफ मिलकर आंदोलन करना होगा। गुंजन सेतिया ने सभी रिसर्च स्कॉलर्स से ये भी आह्वान किया कि वे अपनी निष्क्रिय संगठन को फिर से एक्टिव मोड में लाएं और छात्रों के हक की लड़ाई के लिए आगे रहें।