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चंडीगढ़ः अभिभावकों ने एडवाइजर को लिखा पत्र- निजी स्कूलों की वित्तीय स्थिति की जांच की जाए

Fri, 08 May 2020 04:30 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान फीस न मांगने को कहा गया है, बावजूद इसके स्कूल प्रशासन अभिभावकों से फीस भरने को कह रहा है। इस बारे में चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने एडवाइजर को पत्र लिखा। पत्र में लॉकडाउन की अवधि के दौरान स्कूल की फीस के भुगतान पर निर्णय लेने से पहले प्रशासन से निजी स्कूलों की वितीय स्थिति की जांच करने की मांग की गई। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने पत्र में लिखा कि स्कूल स्टाफ को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। इसके साथ ही वह स्कूल उन अभिभावकों को तंग नहीं करें, जिनका लॉक डाउन के चलते पहले ही काम बंद है।
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यह कहता है नियम
नियम के मुताबिक, कोरोनावायरस के चलते कोई प्राइवेट स्कूल फीस नहीं मांग सकता। जब स्कूल खुल जाएंगे तो अभिभावकों को 30 दिनों के अंदर फीस जमा करवानी होगी। अभिभावक फीस देने में सक्षम हैं तो भी अगर वे चाहें तो अभी फीस दे सकते हैं, लेकिन उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता। वहीं अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि स्कूल कब खुलेंगे?
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स्कूल ने बैलेंस शीट में दिया ब्यौरा
मिली जानकारी के मुताबिक, सेक्टर 35 स्थित गुरु गोबिंद स्कूल की बैलेंस शीट के अनुसार, 59 लाख के कुल वेतन खर्च सहित सभी खर्चों में कटौती के बाद लगभग 51 लाख की स्कूल की आय दर्ज की गई है। इसके अनुसार स्कूल अपने कर्मचारियों का आराम से पूर्ण वेतन का भुगतान बिना कोई फीस लिए कर सकते हैं। उसी खाते से यह भी पता चलता है कि स्कूल ने 3,13,967 रुपये का ब्याज अर्जित किया है, जो दर्शाता है कि स्कूल लगभग 45 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट का मालिक है, जो अगले 10 महीनों के लिए वेतन को कवर कर सकता है। गौरतलब है कि शहर में कई ऐसे स्कूल है जिनकी फीस बहुत ही ज्यादा है। वे शिक्षा विभाग की ओर से कई बार बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए रिमाइंडर भेजने के बावजूद अपनी बैलेंस शीट अपलोड नहीं कर रहे हैं।
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