स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान फीस न मांगने को कहा गया है, बावजूद इसके स्कूल प्रशासन अभिभावकों से फीस भरने को कह रहा है। इस बारे में चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने एडवाइजर को पत्र लिखा। पत्र में लॉकडाउन की अवधि के दौरान स्कूल की फीस के भुगतान पर निर्णय लेने से पहले प्रशासन से निजी स्कूलों की वितीय स्थिति की जांच करने की मांग की गई। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने पत्र में लिखा कि स्कूल स्टाफ को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। इसके साथ ही वह स्कूल उन अभिभावकों को तंग नहीं करें, जिनका लॉक डाउन के चलते पहले ही काम बंद है।
यह कहता है नियम
नियम के मुताबिक, कोरोनावायरस के चलते कोई प्राइवेट स्कूल फीस नहीं मांग सकता। जब स्कूल खुल जाएंगे तो अभिभावकों को 30 दिनों के अंदर फीस जमा करवानी होगी। अभिभावक फीस देने में सक्षम हैं तो भी अगर वे चाहें तो अभी फीस दे सकते हैं, लेकिन उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता। वहीं अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि स्कूल कब खुलेंगे?