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संभल जाएं, अब कॉलेज से बंक मारा तो लग जाएगा डैडी को पता

Fri, 24 Nov 2017 03:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कॉलेज के स्टूडेंट्स
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कॉलेज जाते हैं तो संभल जाएं, अगर अब क्लास से बंक मारा तो डैडी को पता चला जाएगा और फिर जो होगा, आप जानते ही हैं। दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने एक मोबाइल एप तैयार किया है। शहर के सरकारी कॉलेजों में अब ऑनलाइन अटेंडेंस ली जाएगी। अगर कोई भी स्टूडेंट लेक्चर नहीं लगाता है या कॉलेज से बंक करता है, तो इसकी रिपोर्ट सीधा इस मोबाइल एप्प के जरिए पैरेंट्स को भेजी जाएगी।
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उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक राकेश पोपली ने बताया कि मोबाइल एप बनकर तैयार हो गया है, अगले हफ्ते इस मोबाइल एप का डेमो लिया जाएगा। निदेशक पोपली ने बताया कि  शहर के सरकारी कॉलेजों में अब टीचर इस मोबाइल एप्प पर स्टूडेंट्स की अटेंडेंस लेंगे। इस मोबाइल एप्प को एक सर्वर से जोड़ा गया है, स्टूडेंट्स की रोजाना अटेंडेंस इस सर्वर पर अपलोड हो जाएगी। हर स्टूडेंट का अटेंडेंट रिकॉर्ड रखा जाएगा। 

इसके अलावा इस मोबाइल एप्प के माध्यम से कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स अपने सेमेस्टर रिजल्ट, एग्जाम और कॉलेज ड्यूज आदि की जानकारी ले सकेंगे। कॉलेज जाकर स्टूडेंट्स कितने लेक्चर लगा रहे हैं और दिन में कितने लेक्चर को बंक किया। इस सबकी रिपोर्ट अब मोबाइल एप के माध्यम से पैरेंट्स तक पहुंच जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग जल्द ही शहर के  सभी सरकारी कॉलेजों में मोबाइल एप पर अटेंडेंस लेने का सिस्टम शुरू करने जा रहा है।
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पहले फेज में शहर के सभी सरकारी कॉलेजों को इस मोबाइल एप से जोड़ा जाएगा। शहर के सरकारी कॉलेजों में अब प्रोफेसर लेक्चर शुरू करने से पहले अटेंडेंस रजिस्टर पर पेन के साथ हाजिरी लगाते नजर नहीं आएंगे। प्रोफेसरों के हाथ में अब स्मार्ट फोन होंगे। इन स्मार्ट फोन या एंड्रायड फोन पर ही स्टूडेंट्स की अटेंडेंस ली जाएगी। डायरेक्टर हायर एजुकेशन राकेश पोपली ने बताया कि इनफोसेस की मदद से एक मोबाइल एप तैयार किया जा चुका है।

इस मोबाइल एप की मदद से अब कॉलेज प्रोफेसर स्टूडेंट की अटेंडेंस मार्क की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर के कई प्राइवेट कॉलेजों में मोबाइल एप के जरिए अटेंडेंस ली जा रही है। ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की मदद से पेरेंट्स घर बैठे अपने बच्चों की अटेंडेंस चेक  कर सकते हैं। ज्ञात रहें पंजाब यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले सभी कॉलेजों में स्टूडेंट्स की साल भर की अटेंडेंस 75 प्रतिशत आवश्यक कर दी हैं। 75 प्रतिशत से अटेंडेंस कम होने पर कॉलेजों में स्टूडेंट्स से शार्ट अटेंडेंस के नाम पर फाइन लिया जाता है। इसके अलावा कई बार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाती है।

पेरेंट्स को दिया जाएगा लॉग-इन आईडी और पासवर्ड
डायरेक्टर हायर एजुकेशन राकेश पोपली ने बताया कि इस मोबाइल एप में एक  लॉग इन आईडी और पासवर्ड होगा। जोकि स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को भी दिया जाएगा। ताकि पेरेंट्स अपने बच्चों का पता लगा सके की उनके बच्चे कॉलेज लेक्चर  लगाने गए हैं या फिर अपने दोस्तों के साथ कॉलेज बंक कर मौज मस्ती कर रहे हैं। इसके अलावा पैरेंट्स अपने बच्चों के समेस्टर रिजल्ट, फाइन, नो ड्यूज आदि का भी पता लगा सकेंगे।

सीएसआर फंड की मदद से तैयार हुआ पूरा सिस्टम
प्राप्त जानकारी मोबाइल एप की मदद से अटेंडेंस लेने का यह सिस्टम सीएसआर फंड की मदद से तैयार किया गया है।  इसके लिए इनफोसेस आदि प्राइवेट कंपनी से मदद ली गई है। इसके लिए एक पूरा सर्वर भी तैयार किया गया है। ताकि रोजाना कॉलेज में स्टूडेंट्स की ली जाने वाली अटेंडेंस का बैकअप डाटा तैयार किया जा सके।
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इन सरकारी कॉलेजों में अब मोबाइल एप पर लगेगी अटेंडेंस
-पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फार गर्ल्स सेक्टर-11
-पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-11
-पोस्ट ग्रेेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-46
-गवर्नमेंट कॉलेज फार गर्ल्स सेक्टर-42
-आर्ट्स कॉलेज सेक्टर-10
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