चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से किए गए स्टेट अचीवमेंट सर्वे में सरकारी स्कूलों की पोल खुल गई। यह सर्वे 111 स्कूलों में किया गया था। इसमें 90 स्कूलों के विद्यार्थियों के नंबर 40 फीसदी से कम आए हैं। इस तरह में शहर के शिक्षा विभाग पर सवाल खडे़ हो गए हैं। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने स्टेट अचीवमेंट सर्वे किया था। सीबीएसई निर्देशों के अनुसार इस सर्वे में कम से कम 40 प्रतिशत परिणाम होना अनिवार्य है।
इस बार पांचवीं और आठवीं के सभी विद्यार्थियों का यह टेस्ट लिया गया था। पांचवीं का पास प्रतिशत 24.7 और आठवीं का 38.8 प्रतिशत रहा है। दोनों में से किसी भी कक्षा का परिणाम पास प्रतिशत को क्रास नहीं कर पाया है। इस स्टेट अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने गवर्नर के पास भेजा है। इस रिपोर्ट के अनुसार अगर बच्चा इस सर्वे में पास नहीं होता है तो उसे उसी क्लास में पढ़ाया जाए।
स्कूल की क्वालिटी एजुकेशन को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से यह कदम उठाए जाने के लिए लिखा गया है। सर्वे में सामने आया है कि विद्यार्थी पंजाबी भाषा को पढ़ने में बहुत ही कमजोर हैं। इस कमजोरी का एक कारण टीचरों को पंजाबी भाषा को ज्ञान नहीं होना है। इसे बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग कौन-कौन से कार्य करेगा इसकी अभी कोई रणनीति विभाग की ओर से नहीं बनाई गई है।
स्टेट असेसमेंट सर्वे की रिपोर्ट गवर्नर को भेजी गई है। अगर इस पर स्वीकृति मिल गई तो यह टेस्ट पास होने के बाद ही अगली क्लास में पांचवीं और आठवीं के स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग