शिक्षा की गुणवत्ता में पिछड़ रहे गांवों और कालोनियों के स्कूलों को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा ने प्लानिंग की थी। इस प्लानिंग के मुताबिक, टॉप स्कूलों के टीचर्स को इन स्कूलों में भेजेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग ने उनकी योजना के उलट किया। 60 शिक्षकों के ट्रांसफर कर दिए गए, जबकि टॉप स्कूल के शिक्षक वहीं जमे हुए हैं। शिक्षा विभाग ने मंगलवार को 60 जेबीटी और एनटीटी टीचर्स का ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर किए ज्यादातर टीचर्स गांवों और कालोनियों के हैं और इनका तबादला भी कई गांवों-कालोनियों और कुछ सेक्टरों के स्कूलों में किया गया है।
शहर के टॉप स्कूल जैसे, जीएमएसएसएस-16, जीएमएसएसएस-33, जीएमएसएसएस-35, जीएमएसएसएस-37, जीजीएमएसएसएस-18, जीएमएसएसएस-19, जीएमएसएसएस-32, जीएमएसएसएस-46 से एक भी टीचर का ट्रांसफर नहीं किया गया है। इस ट्रांसफर को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। कई टीचर्स ने आरोप लगाए हैं कि ट्रांसफर में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल सेक्टर्स में आने वाले स्कूलों में सालों से बैठे टीचर्स का ट्रांसफर क्यों नहीं किया गया। उन्होंने शिक्षा विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
यह थी एजुकेशन सेक्रेटरी की प्लानिंग
एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा का कहना था कि गांवों और कालोनियों के स्कूलों का रिजल्ट पिछड़ जाता है। इनमें सुधार लाने के लिए टॉप स्कूलों के टीचर्स जो सालों से एक ही स्कूल में जमे हुए हैं, उन्हें गांवों और कालोनियों के स्कूलों में भेजा जाएगा ताकि उन स्कूलों के रिजल्ट में भी सुधार आए। साथ ही स्टेट अवार्ड से सम्मानित टीचर्स को भी इन स्कूलों में भेजने की प्लानिंग थी, लेकिन मंगलवार को हुए ट्रांसफर में इन स्कूलों से एक भी टीचर को नहीं इधर-उधर किया गया।
मुझे इस ट्रांसफर की जानकारी नहीं है। मुझसे इसकी अप्रूवल नहीं ली गई है। अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई होगी तो पता किया जाएगा।
- बीएल शर्मा, एजुकेशन सेक्रेटरी, चंडीगढ़